गिरिडीह. जिला उपायुक्त, रामनिवास यादव ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक की. बैठक में उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण फेज 2 एवं जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की कार्य प्रगति की बारी-बारी समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन व संचालन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए. समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत, व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के लक्ष्य को प्राप्त करने का निर्देश दिया. उन्होंने हर घर जल, शौचालय निर्माण, कचरा प्रबंधन, और पानी की गुणवत्ता पर जोर दिया, साथ ही गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन और धीमी प्रगति पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश और समयबद्धता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया, ताकि योजनाएं समय-सीमा में पूरी हों. साथ ही संबंधित अधिकारियों को मौजूदा वित्तीय वर्ष के तहत स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनवाने के लक्ष्य के अनुरूप शौचालय निर्माण करने का निर्देश दिए गए. इसके अलावा योजनाओं के रख-रखाव एवं कुशल संचालन हेतु सभी कनीय अभियंता/प्रखंड वॉश कॉडिनेर को निदेशित किया गया कि प्रत्येक माह ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का बैठक कर योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव से संबंधित विस्तृत चर्चा करें. समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत विभिन्न पंचायतों को उपलब्ध कराए गए E-Cart एवं कचरा उठाव वाहनों के संचालन एवं रखरखाव की अद्यतन स्थिति पर विशेष चर्चा हुई. साथ ही सामुदायिक शौचालयों के संचालन एवं रखरखाव पर भी विस्तृत समीक्षा की गई.
इसके अतिरिक्त सभी कनीय अभियंताओं को अपने-अपने प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रखंड स्तर की सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निवारण करने का निर्देश दिया. साथ ही जल आपूर्ति योजनाओं को समयबद्ध तरीके से एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. ठोस कचरा, तरल कचरा, गोबरधन योजना, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन ईकाई, प्लास्टिक संग्रहण केंद्र एवं कचरा उठाव वाहन, कंपोस्ट पीट, सोख्ता गड्ढा आदि की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की. इसके अलावा जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन, पेयजल समस्या के निराकरण और जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की. इसके अलावा फेज 1 एवं फेज 2 में कुल हाउसहोल्ड की संख्या एवं उसके संचालन की स्थिति, प्लास्टिक सेगरेशन शेड आदि की समीक्षा की. साथ ही उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं/पेयजल आपूर्ति से संबंधित विभिन्न प्रखंडों से प्राप्त हो रहे शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया.
इसके अलावा बैठक में प्रोजेक्ट GARV (Gandey Action for Recycling Waste and Value Chain) के अंतर्गत गांडेय क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में गांडेय में प्रस्तावित Plastic Waste Management Unit एवं Bio-Gas Plant के शीघ्र अधिष्ठापन पर विस्तार से चर्चा की गई तथा इनके क्रियान्वयन में तेजी लाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया. इसके साथ ही गांडेय बाज़ार क्षेत्र को Single Use Plastic मुक्त बनाने के अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया गया. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हर घर से कचरा पृथक्करण (Waste Segregation at Source) को लेकर समुदाय स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, ताकि गीले एवं सूखे कचरे का सही प्रबंधन सुनिश्चित हो सके. बैठक में थर्माकोल (Thermocol) के उपयोग, बिक्री एवं निपटान पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए. संबंधित विभागों एवं क्रियान्वयन एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से सभी गतिविधियों को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया, ताकि गांडेय को स्वच्छ, पर्यावरण-संवेदनशील एवं मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सके. यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आजीविका सृजन एवं सतत विकास को भी बढ़ावा देगी.
