वॉशिंगटन/तेहरान. मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘अंतिम चेतावनी’ दी है. ट्रंप ने सोमवार, 30 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यदि जल्द ही शांति समझौता नहीं हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों, तेल के कुओं और खारग द्वीप (Kharg Island) को पूरी तरह नष्ट कर देगा.
खाड़ी देशों की भूमिका और ट्रंप की रणनीति:
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फंडिंग: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, ट्रंप इस युद्ध का खर्च सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से वसूलने पर विचार कर रहे हैं.
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हमले: ट्रंप का दावा है कि खाड़ी देश भी जवाबी कार्रवाई में शामिल हैं. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इन देशों ने सीधे हमलों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनके क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों से ऑपरेशन जारी हैं.
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वार्ता: ट्रंप ने दावा किया कि वे ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ के साथ सीधे बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही किसी समझौते पर पहुंचने की उम्मीद है.
युद्ध का प्रभाव और हताहत:
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मौतें: 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस जंग में अब तक 3,400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं (ईरान में 1,500 से अधिक नागरिक और सैन्यकर्मी शामिल). लेबनान में भी 1,200 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं.
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अर्थव्यवस्था: युद्ध के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. दुबई और अन्य खाड़ी देशों ने युद्ध के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए करोड़ों डॉलर के सहायता पैकेज की घोषणा की है.
ट्रंप को अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध को लेकर विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जबकि मिस्र और ब्रिटेन जैसे सहयोगी देश जल्द से जल्द युद्धविराम की अपील कर रहे हैं.
