गिरिडीह. जिले की साइबर थाना पुलिस ने प्रतिबिंब पोर्टल से मिली गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो शातिर साइबर अपराधियों को धर दबोचा है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवघर जिले के मारगोमुंडा थाना अंतर्गत बनसिम्मी गांव निवासी अमजद अंसारी और रजाउल अंसारी के रूप में हुई है. पुलिस ने सोमवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
डंगाल में बैठकर रच रहे थे साजिश साइबर डीएसपी आबिद खान ने बताया कि एसपी डॉ. बिमल कुमार को सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के धोबिया मोड़ के समीप खंभाटांड़ डंगाल (जंगल) में कुछ अपराधी ठगी की योजना बना रहे हैं. साइबर थाना प्रभारी दीपेश कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जब इलाके की घेराबंदी की, तो मोबाइल से ठगी कर रहे आरोपी भागने लगे. हालांकि, पुलिस ने खदेड़कर दोनों को पकड़ लिया.
फर्जी APK लिंक भेजकर खाली करते थे खाते पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये ठग लोगों को झांसा देने के लिए हाईटेक तरीके अपनाते थे. आरोपी पीड़ितों को ‘आरटीओ ई-चालान’ और ‘इंडसइंड बैंक ई-केवाईसी अपडेट’ जैसे नामों से फर्जी एपीके (APK) लिंक भेजते थे. लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता था, जिससे ठगों को बैंकिंग विवरण और ओटीपी (OTP) का एक्सेस मिल जाता था. इसके बाद वे अवैध रूप से खातों से पैसे उड़ा लेते थे.
पहचान छिपाने के लिए बदलते थे जिला पुलिस से बचने के लिए ये अपराधी अपने गृह जिले (देवघर) को छोड़कर पड़ोसी जिले गिरिडीह के सीमावर्ती इलाकों को ठगी के लिए चुनते थे. डीएसपी ने बताया कि बॉर्डर एरिया में सक्रिय रहने से इन्हें पकड़ना मुश्किल होता था. छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की है. टीम में एसआई पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार और संजय मुखियार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
