गिरिडीह. डीसी रामनिवास यादव ने शनिवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान डीसी ने सर्वप्रथम जिला कल्याण पदाधिकारी से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गिरिडीह जिले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के लाभुकों को दिए जा रहे लाभ की जानकारी ली. इस संबंध में हो रहे कार्यों की जानकारी देने के उपरांत जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में योजना का लाभ लेने के उद्देश्य से कुल 114 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसके पश्चात बैठक में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अनुदान राशि के लिए प्राप्त आवेदनों को प्रस्तुत किया गया. आवेदनों की समीक्षा के उपरांत कुल 111 आवेदनों का अनुमोदन किया गया. इसके अलावा बैठक के दौरान डीसी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक ज्यादा से ज्यादा योग्य लाभुकों को योजना का लाभ देने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीसी ने कहा कि झारखंड कल्याण विभाग की ओर से सरकार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों को बीमारी में आर्थिक सहायता प्रदान करती है. इसके लिए विभाग चिकित्सा सहायता योजना चला रही है. योजना के तहत किसी तरह की बीमारी या सर्जरी होने पर या कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है. अब सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए इसमें कोविड होने पर भी लाभ देने का प्रवाधान शुरू किया है. अगर आप अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग में आते हैं और आपको कोविड हुआ है या हुआ था या आप होम आइसोलेशन में थे, तो सरकार आपको 2500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी. वहीं अब इस योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता कर दिया गया है. योजना के तहत लाभ दो वर्गों में दिया जाता है. पहला 18 से अधिक उम्र वालों को और दूसरा 18 से कम उम्र वालों को. 18 से अधिक उम्र वालों को बीमारी के 7 दिन से अधिक होने पर 3000 से 5000 रुपये, कोविड के लिए 5000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये की सहायता और कैंसर होने पर लगभग 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी. वहीं 18 से कम उम्र वालों को सरकार बीमारी के 7 दिन से अधिक होने पर 1500 से लेकर 2500 रुपये, कोविड होने पर 2500 से लेकर 5000 रुपये और कैंसर होने पर 15000 रुपये की सहायता राशि देगी. बैठक में डीडीसी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन समेत संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे.
