रांची. झारखंड की राजधानी रांची के पंडरा ओपी (आउटपोस्ट) क्षेत्र अंतर्गत इटकी रोड पर स्थित ‘डार्लिंग अपार्टमेंट’ में दिनदहाड़े चोरी की एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है. अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मंगलवार की दोपहर दो शातिर चोरों ने महज सात मिनट के भीतर पूरे घर को खंगाल डाला और लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात सहित 7 लाख रुपये नकद (प्रारंभिक सूचना में 50 हजार, विस्तृत छानबीन में 7 लाख रुपये गायब होने की बात सामने आई) लेकर रफूचक्कर हो गए. वारदात को अंजाम देने वाले दोनों अपराधियों की उम्र करीब 20 से 30 वर्ष के बीच आंकी जा रही है. यह पूरी घटना अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें चोरों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं.
पत्नी महज आधे घंटे के लिए गई थी मिठाई लेने, ताला तोड़कर घुसे चोर
यह घटना उस वक्त हुई जब पीड़ित व्यवसायी का परिवार कुछ ही देर के लिए घर से बाहर गया था:
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सूना पाकर बोला धावा: अपार्टमेंट में रहने वाले उमेश अग्रवाल लोहरदगा जिले में अपना व्यवसाय चलाते हैं. मंगलवार की दोपहर करीब 11:40 बजे उनकी पत्नी फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर पास के बाजार में मिठाई खरीदने गई थीं.
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बेड पर बिखरे मिले डिब्बे: जब वे ठीक आधे घंटे बाद यानी दोपहर 12:10 बजे वापस फ्लैट पर लौटीं, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ देख उनके होश उड़ गए. भीतर जाने पर अलमारी के लॉकर टूटे थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था. चोरों ने जेवरात निकालने के बाद उनके खाली डिब्बे बेड पर ही फेंक दिए थे.
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छोड़ गए स्क्रू ड्राइवर: चोरों की जल्दबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे लॉकर तोड़ने में इस्तेमाल किए गए दो बड़े स्क्रू ड्राइवर (एक बेड पर और दूसरा बेड के नीचे) मौके पर ही छोड़ गए और नकदी व जेवर अपने साथ लाए एक बैग में भरकर आराम से मुख्य गेट से निकल गए.
CCTV में बिना मास्क के कैद हुए चेहरे; FSL और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स सक्रिय
हाई-प्रोफाइल चोरी की सूचना मिलते ही पंडरा ओपी प्रभारी विवेक सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. मामले की गंभीरता को देखते हुए फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम को तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया. इसके बाद रांची के सिटी एसपी पारस राणा और कोतवाली एएसपी निखिल राय ने भी घटनास्थल का मुआयना किया.
जांच अधिकारियों ने बताया कि अपार्टमेंट के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों चोरों के चेहरे बेहद स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुए हैं. अपराधियों ने खुद को छुपाने के लिए न तो कोई हेलमेट पहना था और न ही चेहरे पर कोई मास्क या रुमाल बांध रखा था. पुलिस इन तस्वीरों के आधार पर हुलिया तैयार कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री पहुंचे पीड़ित के घर; रांची में कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने की मांग
इस दुस्साहसिक चोरी की खबर मिलते ही स्थानीय सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पीड़ित व्यवसायी उमेश अग्रवाल के फ्लैट पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया.
केंद्रीय मंत्री ने घटनास्थल से ही झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा से फोन पर सीधे बात की और राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने डीजीपी से अपराधियों की अविलंब शिनाख्त कर उन्हें जेल भेजने और चोरी किए गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने को कहा.
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ का कड़ा बयान: “राजधानी रांची में लगातार हो रही इस तरह की आपराधिक घटनाएं पुलिस की गश्ती और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों के मन से पुलिस प्रशासन का डर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिससे आम नागरिक अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. रांची में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ‘पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली’ (Police Commissionerate System) लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है और अब समय आ गया है कि सरकार इस पर बिना देर किए गंभीरता से निर्णय ले.”
