गिरिडीह. पीरटांड़ प्रखंड की कुम्हरलालो पंचायत अंतर्गत कर्णपुरा गांव में बुधवार को हाथियों के एक झुंड के अचानक आ धमकने से ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल बन गया. जंगल की ओर से आए हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया और कई स्थानों पर चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके साथ ही खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह रौंदकर नष्ट कर दिया, जिससे स्थानीय किसानों को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचा है.
रात भर मुस्तैद रहे ग्रामीण, फसलों को भारी नुकसान
गांव में हाथियों के प्रवेश की खबर फैलते ही ग्रामीण सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए:
-
निगरानी और दहशत: किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए लोग अपने घरों से बाहर निकलकर झुंड की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे.
-
आर्थिक क्षति: हाथियों द्वारा खेतों को रौंदे जाने से किसानों की तैयार हो रही फसलें बर्बाद हो गईं. हालांकि, नुकसान की कुल मात्रा का सटीक आकलन अभी नहीं हो सका है.
मानव-हाथी संघर्ष का पुराना इतिहास
ग्रामीणों के अनुसार, पीरटांड़ का यह इलाका घने वन क्षेत्र से सटा हुआ है, जिसके कारण आए दिन हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों और खेतों की ओर रुख करता रहता है. इस वजह से न सिर्फ फसलों और संपत्ति की क्षति होती है, बल्कि ग्रामीणों की जान-माल पर भी लगातार खतरा बना रहता है.
वन विभाग से मुआवजे और स्थायी समाधान की गुहार
घटना के बाद ग्रामीणों और प्रभावित किसानों ने वन विभाग से मांग की है:
-
मुआवजे की मांग: प्रभावित खेतों और क्षतिग्रस्त चहारदीवारी का जल्द से जल्द सर्वे कराकर नियमानुसार उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए.
-
निगरानी और सुरक्षा: हाथियों के प्रवेश को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएं और वन विभाग द्वारा गश्त बढ़ाई जाए.
फिलहाल, इस घटना में किसी भी इंसान के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है. वन विभाग की टीम नुकसान का जायजा लेने में जुटी है.
