गिरिडीह. जिले के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत हरियाडीह पंचायत के मंदनाडीह गांव में जंगली बिरनी (हाफ/जंगली ततैया) के झुंड ने ग्रामीणों पर जानलेवा हमला कर दिया. इस दर्दनाक हादसे में 65 वर्षीया आदिवासी महिला संजो मरांडी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 5 साल के बच्चे समेत चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद से गांव में मातम और ग्रामीणों के बीच भारी चिंता का माहौल व्याप्त है.
मवेशी चराकर लौट रहे थे ग्रामीण, झाड़ी में भड़का बिरनी का झुंड
ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम की है जब गांव के चरवाहे और किसान अपने मवेशियों को नदी किनारे चराकर घर लौट रहे थे:
-
अचानक हमला: इसी दौरान एक मवेशी अचानक झाड़ियों की ओर चला गया, जिससे वहां मौजूद जंगली बिरनी का झुंड भड़क उठा.
-
मची अफरा-तफरी: बिरनियों के झुंड ने ग्रामीणों और मवेशियों को चारों तरफ से घेरकर डंक मारना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई.
इलाज के दौरान महिला ने तोड़ा दम, 4 लोग घायल
हमले में घायल हुए सभी लोगों का निजी स्तर पर इलाज कराया जा रहा था, लेकिन मंगलवार दोपहर संजो मरांडी ने दम तोड़ दिया.
-
गंभीर घायलों की सूची: घायलों में मंझली मरांडी (60 वर्ष), फुचन मुर्मू (60 वर्ष), रभन मुर्मू (55 वर्ष) और पांच वर्षीय मासूम गलेक्शन मरांडी शामिल हैं.
-
अस्पताल में भर्ती: मंझली मरांडी की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों ने उन्हें बेलाटांड़ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है.
एक सप्ताह में 40 से अधिक लोग शिकार, प्रशासन से मुआवजे की मांग
घटना की सूचना मिलने के बाद भेलवाघाटी थाना प्रभारी निरंजन कच्छप ने बताया कि पुलिस मामले की विस्तृत जानकारी जुटा रही है.
इधर, झामुमो महिला मोर्चा की प्रखंड अध्यक्ष रीना बास्के, पूर्व उप मुखिया पौलुष टुडू समेत स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में जंगली बिरनी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. गावां प्रखंड में भी हाल ही में बिरनी के काटने से दो लोगों की मौत हो चुकी है. ग्रामीणों ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह में 40 से अधिक लोग बिरनी के हमले में घायल हुए हैं. जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा देने और घायलों के मुफ्त व समुचित इलाज की मांग की है.
