गिरिडीह. क्षेत्र में बारिश थमने और नदियों का जलस्तर घटते ही बेंगाबाद में बालू के अवैध कारोबार ने फिर से तेजी पकड़ ली है. प्रशासनिक अधिकारियों के एसआईआर (SIR) कार्यों में व्यस्तता का फायदा उठाकर तस्कर रोजाना 100 से अधिक ट्रैक्टरों के जरिए विभिन्न घाटों से अवैध बालू का उठाव कर रहे हैं. यह बालू गिरिडीह शहर, गांडेय और बिहार तक ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है.
उसरी नदी के मोतीलेदा घाट पर बढ़ी तस्करों की नजर
पचंबा थाना क्षेत्र के बनखंजो स्थित उसरी नदी घाट पर बालू घटने के बाद अब कारोबारियों की नजर बेंगाबाद के मोतीलेदा स्थित उसरी और चोरगाता नदी के संगम पर है:
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उच्च गुणवत्ता और अधिक कीमत: यहां के बालू की मांग गिरिडीह शहर में सबसे ज्यादा है. दूरी के हिसाब से प्रति ट्रैक्टर बालू ₹2,500 से ₹3,000 में सप्लाई किया जा रहा है.
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वनभूमि पर अवैध रास्ता: तस्करों ने मोतीलेदा घाट से बालू निकालने के लिए वन विभाग की जमीन में खोदे गए ट्रेंच (गड्ढों) को भरकर जबरन कच्चा रास्ता बना लिया है.
पतरो नदी से बिहार भेजी जा रही बालू की खेप
झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित पतरो नदी के गेनरो और लुप्पी घाटों से भी बड़े पैमाने पर बालू का उठाव हो रहा है. स्थानीय धंधेबाज बिहार के बालू माफियाओं से सांठगांठ कर ट्रैक्टरों और हाइवा गाड़ियों के जरिए बिहार सीमा पार बालू भेज रहे हैं.
अंचल अधिकारी (CO) का रुख
मामले को लेकर बेंगाबाद के सीओ (CO) सफी आलम ने बताया कि पूर्व में अवैध बालू लदे 4 ट्रैक्टरों को जब्त कर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि विभिन्न घाटों से अवैध उठाव की ताजा सूचना मिली है और जल्द ही वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त छापेमारी कर तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
