हजारीबाग. झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में मंगला जुलूस के दौरान एक 12 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी नृशंस हत्या के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 30 मार्च को ‘हजारीबाग बंद’ का आह्वान किया है. हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इसकी घोषणा करते हुए इस घटना को ‘निर्भया कांड’ से भी अधिक जघन्य और शर्मनाक करार दिया. शुक्रवार को भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें आदित्य साहू, अमर बावरी, विधायक प्रदीप प्रसाद और अमित यादव शामिल थे, ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया.
सांसद मनीष जायसवाल ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इतनी बड़ी वारदात के बावजूद अब तक सरकार का कोई भी प्रतिनिधि पीड़ित परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह चुप्पी अपराधियों के मनोबल को बढ़ा रही है. सांसद ने जिले के सभी व्यापारियों, संगठनों और आम जनता से इस बंद को सफल बनाने की अपील की है, ताकि सरकार और प्रशासन पर दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए दबाव बनाया जा सके.
घटना का विवरण और वर्तमान स्थिति: विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान बुधवार को एक मासूम बच्ची लापता हो गई थी, जिसका क्षत-विक्षत शव अगले दिन गांव के पास एक गड्ढे से बरामद हुआ. अपराधी ने पहचान छिपाने के लिए मासूम के चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस घिनौनी वारदात में किसी परिचित के शामिल होने की प्रबल आशंका है. घटना के बाद से पूरे विष्णुगढ़ प्रखंड में भारी तनाव और आक्रोश व्याप्त है.
बंद के दौरान क्या रहेगा असर?
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व्यापारिक प्रतिष्ठान: भाजपा ने जिले के सभी बाजारों और दुकानों को स्वेच्छा से बंद रखने का आग्रह किया है.
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परिवहन: लंबी दूरी की बसों और स्थानीय यातायात के प्रभावित होने की संभावना है.
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प्रशासनिक सतर्कता: बंद के मद्देनजर हजारीबाग जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.
