बड़कागांव गोंदलपुरा कोल परियोजना की जनसुनवाई में भयंकर बवाल, हरवे हथियार लेकर पहुंचे लोग

हज़ारीबाग

बड़कागांव गोंदलपुरा कोल परियोजना को लेकर मंगलवार को बड़कागांव के फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसुनवाई के दौरान स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब दो गुटों के बीच विवाद के बाद हंगामा और मारपीट होने लगी. यह जनसुनवाई झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आयोजित की गई थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान अचानक कुछ लोग हाथों में पारंपरिक हथियार लेकर पंडाल के भीतर प्रवेश कर गए, जिसके बाद अफरातफरी मच गई. इस दौरान कुर्सियों और अन्य सामानों को नुकसान पहुंचाया गया. हंगामे के कारण कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया. इस घटना में आयोजन स्थल पर लाखों रुपये की संपत्ति बर्बाद हो गयी. इसका कई वीडियो वायरल है, जिसमें महिलाओं पर लाठियां चलाई जा रही हैं.

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात प्रशासन और सुरक्षा बल के जवानों ने स्थिति को संभाला. अतिरिक्त बल की तैनाती के बाद हालात पर नियंत्रण पाया गया और जनसुनवाई स्थल को पुलिस ने अपने घेरे में ले किया गया. इधर, भू-रैयतों के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई में बाहरी लोगों को शामिल किया गया, जबकि मूल रैयतों को इस जनसुनवाई वाली जगह तक पहुंचने में कठिनाई हुई. उनका कहना है कि चिरैया नदी के पास बैरिकेटिंग के कारण कई स्थानीय लोग जनसुनवाई स्थल में प्रवेश नहीं कर सके.

प्रशासन की ओर से बताया गया कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है. घटना के कारणों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. बाद में जनसुनवाई को रद्द कर दिया गया है. इसकी घोषणा लाउडस्पीकर के माध्यम से अनाउंसमेंट के बाद किया गया.

इस हंगामें के बाद नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला बोला है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘हेमंत सोरेन झारखंड नहीं संभाल पा रहे हैं और विदेश गए हैं पूंजीपतियों को रिझाने. जनता के पैसों से विदेश की सैर कर भले लीजिए, लेकिन झारखंड में व्याप्त जंगलराज अब सतह पर आ चुका है. हजारीबाग के बड़कागांव प्रखंड में गोंदुलपारा खनन परियोजना के लिए आज प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जनसुनवाई के दौरान पुलिस के सामने नकाबपोश गुंडों द्वारा महिलाओं पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, धारदार हथियार से हमला किया जा रहा है लेकिन हमारा पुलिस प्रशासन पटाखे छोड़ने और वसूली करने में व्यस्त है. झारखंड ने ऐसा नकारा निकम्मा, भ्रष्ट मुख्यमंत्री आज तक नहीं देखा.

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