झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. मनीष रंजन ने पारसनाथ पर्वत पर बिताई पूरी रात, परिवार के साथ की पर्वत की वंदना

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गिरिडीह. वैसे तो हर दिन जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल में किसी न किसी खास व्यक्ति का आगमन होते रहता है. लेकिन इस बार (मधुबन) पारसनाथ में एक ऐसे आईएएस अधिकारी का आगमन हुआ जो अपनी पहचान के मोहताज नहीं है. उनकी लिखी गयी किताबों को पढ़कर कई युवक-युवतियों ने झारखंड प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में सफलता तक हासिल की है. इतना ही नहीं, इन्हें राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक भी सम्मानित कर चुके है. जी हां, हम बात कर रहे हैं झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. मनीष रंजन की. दरअसल डॉ. मनीष रंजन शुक्रवार की शाम को पारसनाथ, मधुबन पहुंचे. मधुबन पहुंचने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने इनका स्वागत किया. इसके बाद शनिवार को डॉ. मनीष रंजन सपरिवार पारसनाथ पर्वत की चढ़ाई शुरू की. इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इन्तेजाम किये गए थे. डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद खुद मोर्चा संभाले हुए थे. इसके साथ ही जिले से भी कई अधिकारी डॉ. मनीष रंजन के स्वागत में मधुबन पहुंचे थे. शनिवार को पर्वत की चढ़ाई करने के बाद रात में उन्होंने सपरिवार पर्वत में ही रात बिताई ओर फिर रविवार की सुबह पूरे पर्वत की वंदना करने के बाद शाम को वापस नीचे उतरे.

  • जाने कौन है वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. मनीष रंजन

डॉ. मनीष रंजन ने साल 2002 में आईएएस की सर्विस ज्वाइन की. वे कई सालों से अपनी सेवा दे रहे हैं. डॉ मनीष रंजन खूंटी और हजारीबाग समेत कई जिलों में उपायुक्त रह चुके हैं. साल 2015 से लेकर साल 2017 तक माध्यमिक शिक्षा, स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के निदेशक रहे हैं. डॉ. मनीष रंजन झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं. आईएएस अधिकारी डॉ. मनीष रंजन को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मनरेगा उत्कृष्टता पुरस्कार, निर्मल ग्राम पुरस्कार जैसे अवार्ड से कई बार सम्मनित किया जा चुका है. साल 2007 में राष्ट्रपति ने डॉ. मनीष रंजन को लातेहार के अलौदिया पंचायत को प्रथम पूर्ण स्वच्छ पंचायत बनाने हेतु पुरस्कृत किया था. साल 2008 और 2009 में देवघर एवं पाकुड़ में मनरेगा में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रधानमंत्री ने सम्मानित किया था. आईएएस अधिकारी डा. मनीष रंजन को साल 2022 में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में आयोजित 16वें मिड करियर ट्रेनिंग के फेज फोर में 94 आईएएस अधिकारियों में से डायरेक्टर गोल्ड मेडल और ट्रेनिंग में पहला स्थान मिला था.

  • आईएएस डॉ. मनीष रंजन की किताबों को पढ़ते है सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्र – छात्राएं

आईएएस डॉ. मनीष रंजन एक बेहतरीन और बेस्टसेलर लेखक भी है. उनकी आधा दर्जन से अधिक पुस्तक पब्लिश भी हो चुकी है. सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए मनीष रंजन की किताब बेहद उपयोगी है. डिसीजन मेकिंग एंड प्रॉब्लम सॉल्विंग, संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल, CSAT खंड एक , CSAT खंड दो, झारखंड का सामान्य ज्ञान ये किताबें उनकी चर्चित किताबें हैं.

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