गिरिडीह. सड़क चौड़ीकरण एवं फोर लेन निर्माण योजना के तहत नगर निगम द्वारा 45 दुकानों को हटाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है. प्रभावित दुकानदार पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं और निगम के निर्णय को अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और उचित जांच के दुकानों को तोड़ना उनके रोज़गार पर सीधा प्रहार है. बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विस्पुते, उप नगर आयुक्त प्रशांत लायक सहित नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों की मौजूदगी में दुकानों की पुनः मापी कराई गई. अचानक हुई इस कार्रवाई से धरनास्थल पर हलचल मच गई, हालांकि मापी के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण रही. दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में ही उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था और निष्पक्ष जांच की मांग की थी. उनका कहना है कि नाली निर्माण के बाद निगम द्वारा की गई मापी के अनुसार कई दुकानें तोड़ने के बाद भी चलने योग्य हैं, ऐसे में अतिक्रमण का आरोप लगाना अनुचित है. इस संबंध में एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते ने कहा कि प्रशासन की ओर से दुकानों की मापी कराई गई है और जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. गौरतलब रहे कि नगर निगम क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण और फोर लेन सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है. सड़क निर्माण के बावजूद दुकानों को हटाने की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है. अब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.
