लोन देने से पहले कम्पनी कर ले आकलन, बाद में टोर्चर बर्दाश्त नहीं
गिरिडीह. माइक्रोफाइनेंस कम्पनियों के द्वारा 20-30 प्रतिशत ब्याज दरों पर झारखंड की गरीब महिलाओं को ऋण जाल में फंसाकर उसको प्रताड़ित कर लोन वसूलना बंद करे नहीं तो झारखंड मुक्ति मोर्चा सीधी कार्रवाई को बाध्य होगी. उक्त बातें झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने मंगलवार को कही. उन्होंने सवाल उठाया कि कम्पनी लोन देते वक्त क्या आकलन करके लोन देती है ? उन्होंने चिंता जाहिर किया कि अधिक ब्याज दर के कारण महिलाएं लोन नहीं चुका पा रही है और कम्पनियों की प्रताड़ना से वे आत्महत्या कर ले रही हैं. कहा कि कम्पनियों के द्वारा गरीब महिलाओं के मानवाधिकार का हनन किया जा रहा है. उन्होंने गादी श्रीरामपूर में लोन नहीं चुका पाने के कारण माइक्रोफाइनेंस कम्पनी द्वारा प्रताड़ना के बाद मां बेटी के द्वारा कर लिए गए आत्महत्या पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस घटना की गंभीरता से जांच कर वैसे कंपनी के वसूली एजेंट और प्रबंधन पर आपराधिक कृत्य का मुकदमा दर्ज करे. उन्होंने यह भी मांग की कि गादी श्रीरामपुर के माँ- बेटी के आत्महत्या के लिए दोषी ब्यक्तियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो और जिला प्रशासन कम्पनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे नहीं तो झारखंड मुक्ति मोर्चा सीधी कार्रवाई को बाध्य होगी. उन्होंने समूह की महिलाओं से भी अपील की है कि अनावश्यक व्यक्तिगत लोन लेने से बचें. कोई बिजनेस के लिए लोन लेना हो तो बैंक से लोन लें, जिला प्रशासन कैम्प लगाकर समूह की महिलाओं को ऋण मुहैया कराए. उन्होंने कहा कि बैंकों के मुकाबले माइक्रोफाइनेंस कम्पनियां दो से तीन गुना ब्याज वसूल रही है जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली घटना नहीं है झारखंड में इस तरह की कई घटनाएं घट हो चुकी है जो बहुत ही चिंतनीय है.
