गिरिडीह. श्री कबीर ज्ञान मंदिर में संत विवेक दास जी महाराज निर्वाण महोत्सव एवं गुरु गोविंद धाम मंदिर के वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सदगुरु कबीर की सखियों के पाठ से की गई. तत्पश्चात पावन समाधि में परम वंदनीया सद्गुरु मां के सानिध्य में भक्ति पूर्ण चादर समर्पण किया गया. इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
अपराहन सत्र का कार्यक्रम बहुत भाव भक्ति पूर्ण रहा सदगुरु कबीर के निर्गुण भजनों से वातावरण गुंजायमान हो उठा. भजन संध्या का आनंद लेते हुए श्रद्धालु भाव विभोर हुए. वही नन्हे मुन्ने बच्चों के द्वारा सद्गुरु की भक्ति से ओतप्रोत भाव नृत्य की प्रस्तुति की गई. परम वंदनीया सद्गुरु मां ज्ञान ने अपने गुरुदेव के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए जनमानस को संदेश दिया कि *गुरुभक्ति* अमृत फल को देने वाली है. गुरु भक्ति वह चमत्कारिक मंत्र है, जिससे साधक मालामाल हो जाता है. गुरु मां ने अपने वक्तव्य में कर्म फल का महत्व बताते हुए कहा कि जीवन में उतार चढ़ाव होना सामान्य बात है. व्यक्ति के जीवन में तरह-तरह की परेशानियां, सुख और दुख दोनों रहता है, किंतु विपरीत परिस्थितियों में हमें व्यथित न होकर धैर्य का सहारा लेना चाहिए. छोटे-छोटे प्रतिकूल परिस्थिति में व्यक्ति चिंतित हो जाता है. यदि चिंता करने से, टेंशन लेने से परिस्थितियों हमारे अनुकूल हो जाती हो, तो खूब टेंशन लीजिए खूब चिंता कीजिए लेकिन विश्लेषण करिए कि यदि हमारे चिंता करने से परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होती तो विचार कीजिए कि चिंता कर कर के, कहीं हम अपना ही तो नुकसान नहीं कर रहें. तो फिर चिंता करने से क्या फायदा? टेंशन लेने से क्या फायदा? हां, यह आवश्यक है कि हम प्रतिकूलता से निकलने का हरसंभव प्रयास करेंगे, चिंता कि परिस्थिति से निकलने का भरपूर प्रयास हों. कर्मों की गति बहुत ही प्रबल है, आज हम जो दूसरों के लिए करते हैं, उसका प्रतिदान अवश्य ही मिलता है, सुख बांटने वाले को सुख और दुःख बांटने वालों को तदनुरूप फल मिलती है, अतः हमेशा शुभ कर्म ही करें, और यथायोग्य ऐसा कर्म करें जिससे दूसरों को खुशी बांट सके.

बताया गया कि माघ शुक्ल तृतीया तद्नानुसार 21 जनवरी 2026 को परम पूज्य सरकार प्रभु जी का महापरिनिर्वाण दिवस है. इस अवसर पर गिरिडीह झारखंड के अतिरिक्त विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. दिव्य समाधि पूजन किया जाएगा साथ ही विभिन्न आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित है. इस अवसर पर गुरुभक्ति का प्रताप दिखाने वाली *”गुरुभक्ति का अमृत फल”* नामक नाट्य मंचन तथा *”हम सनातनी शेर है”* भजन पर ओजस्वी भावनृत्य की प्रस्तुति कि जायेगी.
