गिरिडीह. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 एवं खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञापन और रजिस्ट्रीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप, भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को प्रशिक्षित करने के लिए 06 फरवरी 2026 को खाद्य सुरक्षा कार्यालय, FDA भवन, सदर अस्पताल चैताडीह , गिरिडीह में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में कुल 170 खाद्य कारोबारियों एवं फूड हैंडलर्स ने भाग लिया. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के सूचीबद्ध प्रशिक्षक डॉ० राकेश सिंह ने खाद्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा के खतरे, खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning), खाद्य संक्रमण (Food Infection), खाद्य एलर्जी (Food Allergies) एवं उनके नियंत्रण पर विस्तार से चर्चा की. इसके अतिरिक्त खाद्य जनित रोग, संचारी और गैर-संचारी रोग, फूड ग्रेड रंग, पैकेजिंग सामग्री, बर्तन, एडिटिव्स एवं प्रिजर्वेटिव्स, टेम्परेचर डेंजर जोन, उच्च जोखिम वाले खाद्य पदार्थ, GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेस), GHP (गुड हाइजेनिक प्रैक्टिसेस), SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) और FSMS (खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन प्रणाली) जैसे विषयों पर विशेष जानकारी दी गई.
प्रशिक्षण के दौरान खाद्य व्यवसाय पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, प्रक्रिया, नियम और शर्तें, व्यक्तिगत एवं कार्यस्थल की स्वच्छता, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, फूड सैंपलिंग, पैकेजिंग एवं लेबलिंग नियम, कच्ची सामग्री की गुणवत्ता, पेयजल मानक, कीट नियंत्रण (Pest Control), सुरक्षित भंडारण, परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड, ‘गोल्डन रूल्स’ और कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला गया. इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन FSSAI के ट्रेनिंग पार्टनर 360 रिसर्च फाउंडेशन द्वारा किया गया. मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी गिरिडीह राजा कुमार ने कहा कि सभी खाद्य कारोबारियों के पास फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है; बिना इसके व्यवसाय करने पर जुर्माना लग सकता है. उन्होंने प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई और ‘मिसब्रांडिंग’ (Misbranding) के खतरों के प्रति भी जागरूक किया. ट्रेनिंग पार्टनर की ओर से राहुल कुमार ,अमित सिंह,शुभम कुमार, अभिषेक केशरी, महराज मंडल एवं वसीम एवं मनीष उपस्थित थे.
