पलामू. पलामू के प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में दिनदहाड़े ठगी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां फर्जी पुलिस बनकर ठगों ने पीएचईडी विभाग के एक संवेदक और दो अन्य युवकों को अपना निशाना बनाया। यह पूरी घटना रेड़मा सुरेश सिंह चौक के पास सुलभ शौचालय के समीप घटी, जब पीएचईडी ठेकेदार अरविंद तिवारी बाजार से सब्जी लेकर लौट रहे थे। ठगों ने बड़ी चालाकी से खुद को पुलिसकर्मी बताया और इलाके में बढ़ती आपराधिक घटनाओं एवं “एसपी मैडम” के कड़े आदेशों का हवाला देते हुए अरविंद तिवारी को अपनी सोने की अंगूठी उतारने पर मजबूर कर दिया। जैसे ही उन्होंने अंगूठी उतारी, ठग उसे झपटकर बाइक से फरार हो गए।
हैरानी की बात यह है कि ठगों ने इसी तरह की कार्यप्रणाली अपनाते हुए जीएलए कॉलेज गेट के पास भी दो अन्य युवकों को ठगा। वहां उन्होंने युवकों को गहने पहनकर चलने से होने वाले खतरों का डर दिखाया और सुरक्षा के नाम पर उनकी सोने की चेन उतरवा ली। ठगों ने “हाथ की सफाई” दिखाते हुए गहनों को कागज में लपेटने का नाटक किया और पीड़ितों को खाली कागज थमाकर चंपत हो गए। हालांकि यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, लेकिन शहर थाना पुलिस का कहना है कि अभी तक पीड़ितों की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिला है, जिसके मिलते ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यवसायियों और राहगीरों में भय का माहौल है।
