कलकत्ता. मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुई हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करते हुए एनआईए (NIA) को निर्देश दिया है कि वह इस केस में यूएपीए (UAPA) जैसी कठोर धाराएं लगाने के ठोस कारणों को स्पष्ट करे। कोर्ट ने आदेश दिया कि जांच एजेंसी अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलकत्ता हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में दाखिल करे।
पश्चिम बंगाल सरकार की अपील का निपटारा करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य को एनआईए जांच पर कोई आपत्ति है, तो वह हाईकोर्ट का रुख कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को यह अधिकार भी दिया कि वह केंद्र सरकार के उस फैसले की समीक्षा कर सके, जिसके तहत इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी।
यह पूरा विवाद जनवरी 2026 में मुर्शिदाबाद में हुई अशांति के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को एनआईए जांच के आदेश दिए थे। अब इस मामले की वैधता और आतंकी धाराओं के इस्तेमाल का अंतिम फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट की रिपोर्ट के आधार पर होगा।
