बागवानी में झारखंड की ऊंची उड़ान: बेल में दूसरा और लीची में देश में चौथा स्थान, खूंटपानी में बोले विशेषज्ञ

झारखंड

चाईबासा. चाईबासा के उद्यान महाविद्यालय, खूंटपानी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. विशाल नाथ (प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-IARI) ने बागवानी क्षेत्र की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जहाँ पंजाब-हरियाणा जैसे राज्यों में फसल सघनता 200% है, वहीं झारखंड में यह केवल 121% है, जो विकास के बड़े अवसर को दर्शाता है।

डॉ. नाथ ने आंकड़ों के जरिए बताया कि देश में बागवानी उत्पादन खाद्यान्न उत्पादन से भी आगे निकल चुका है। उन्होंने झारखंड की ताकत गिनाते हुए कहा कि राज्य बेल उत्पादन में दूसरे और लीची में चौथे स्थान पर है। उन्होंने विद्यार्थियों को कटहल जैसे उत्पादों के प्रसंस्करण (Processing) और मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर ध्यान केंद्रित कर उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता डॉ. अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और करियर के विकल्पों के लिए तैयार करना था।

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