जमशेदपुर. संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर 12 फरवरी को आयोजित ऑल इंडिया हड़ताल का जमशेदपुर में कड़ा प्रभाव देखने को मिला, जहाँ विभिन्न यूनियनों के सदस्यों ने केंद्र सरकार की कॉरपोरेट समर्थक और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लगभग 800 मेडिकल और सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एकदिवसीय हड़ताल पर रहे और उन्होंने जिला मुख्यालय (डीसी कार्यालय) के गेट के सामने धरना देकर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए मुख्य सड़क को भी जाम किया, जिससे आवागमन बाधित हुआ।
यूनियन नेताओं का मुख्य आरोप है कि केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं, जो मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। विशेष रूप से 1976 के ‘सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज एक्ट’ को खत्म किए जाने पर कड़ा विरोध जताया गया, जो इस क्षेत्र के कर्मियों के लिए एकमात्र विशेष कानून था। आंदोलनकारियों का कहना है कि नए लेबर कोड से न्यूनतम मजदूरी, कार्य समय और स्थायी रोजगार जैसे अधिकार प्रभावित हुए हैं और फिक्स्ड टर्म रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कंपनियों द्वारा तय किए जाने वाले मनमाने टारगेट और कार्यप्रणाली पर सरकारी निगरानी सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग की है।
