पटना. बिहार में घरेलू रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. पश्चिम एशिया (इजरायल-ईरान युद्ध) में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में व्यवधान के कारण देश में एलपीजी की आवक प्रभावित हुई है. स्थिति को देखते हुए तेल कंपनियों ने बिहार में नए गैस कनेक्शन (NC) और डबल बॉटल कनेक्शन (DBC) जारी करने पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रोक लगा दी है. साथ ही, एक शहर से दूसरे शहर या अंतरराज्यीय गैस कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी अगले आदेश तक ठप कर दिया गया है.
बुकिंग के नए कड़े नियम और कोटा: तेल कंपनियों और बिहार एलपीजी वितरक संघ के अनुसार, वितरण व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उपभोक्ताओं के सालाना कोटे में कटौती की गई है:
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शहरी उपभोक्ता: साल भर में अधिकतम 12 सिलेंडर ही बुक कर सकेंगे.
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ग्रामीण उपभोक्ता: सालाना कोटा घटाकर केवल 8 सिलेंडर कर दिया गया है.
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बुकिंग अंतराल: शहरी क्षेत्रों में दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का अनिवार्य अंतराल (Lock-in period) लागू कर दिया गया है. 12वीं बुकिंग के बाद सिस्टम अब ऑटोमैटिक तरीके से ‘नो बुकिंग’ मोड पर जा रहा है.
PNG उपभोक्ताओं के लिए ‘सरेंडर’ आदेश: केंद्र सरकार ने ‘तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण विनियमन) संशोधन आदेश, 2026’ जारी किया है. इसके तहत जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन है, वे अब एलपीजी सिलेंडर नहीं रख सकेंगे. ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा. पटना समेत बिहार के करीब 1 लाख पीएनजी उपभोक्ता इस नियम की जद में आएंगे. सरकार का तर्क है कि इससे एलपीजी की कालाबाजारी रुकेगी और गैस उन परिवारों तक पहुंच सकेगी जिनके पास पाइपलाइन की सुविधा नहीं है.
प्रशासन की तैयारी: पटना के जिलाधिकारी (DM) ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया है कि यदि ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी समस्या आ रही है, तो ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी के आदेश दिए गए हैं. हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल आपूर्ति प्रबंधन और ‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने के लिए उठाए गए हैं और देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है.
