नोवामुंडी. लोक आस्था का महापर्व चैती छठ नहाय-खाय के साथ शुरू हो चुका है, लेकिन नोवामुंडी में श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ-साथ भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है. महापर्व के पहले ही दिन व्रतियों को तालाब तक पहुँचने के लिए सड़कों पर बहते नाली के गंदे पानी और गंदगी के अंबार से होकर गुजरना पड़ा. पवित्रता और शुचिता के इस पर्व में जहां साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है, वहीं नोवामुंडी की सड़कों और घाटों की स्थिति प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में हुई शांति समिति की बैठक में साफ-सफाई का भरोसा दिया गया था, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा है.
छठ घाटों और पहुँच पथों की बदहाली से व्रतियों और उनके परिवारों में गहरा रोष और चिंता है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि नहाय-खाय के दिन यह हाल है, तो अर्घ्य के दिन भारी भीड़ के बीच श्रद्धालु इन दूषित रास्तों से कैसे गुजरेंगे? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अविलंब सफाई कार्य शुरू कराने की अपील की है ताकि श्रद्धा और आस्था के इस महापर्व की गरिमा बनी रहे.
