नई दिल्ली. वेस्ट एशिया (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में भारत का रुख स्पष्ट करेंगे. बजट सत्र के बीच होने वाला यह संबोधन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और अब तक सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी. बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय बनाकर इस संकट से निपटने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई, ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला पर इसका न्यूनतम असर पड़े.
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं और वर्तमान में एलपीजी (LPG) की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में हालात बिगड़ने पर भी सरकार उचित समाधान निकाल लेगी. वहीं, विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है. कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने सवाल उठाया कि यह बैठक पहले क्यों नहीं की गई? उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में स्पष्ट करें कि जनता के पैसे की बचत के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं और आम लोगों को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए सरकार के पास क्या ठोस रणनीति है.
