हजारीबाग. झारखंड शिक्षा परियोजना के तत्वावधान में मंगलवार को शहर के नगर भवन में जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करना और ‘निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009’ (RTE) के प्रभावी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करना था. कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डीईओ सह डीपीओ प्रवीण रंजन, डीएसई आकाश कुमार और अन्य शिक्षा अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान नई शिक्षा नीति, शिशु पंजी के संधारण, स्कूलों में बच्चों के ठहराव और विशेषकर विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा तक की शिक्षा पूर्ण कराने में मुखिया की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई.
सम्मेलन में विभिन्न प्रखंडों से आए मुखियाओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर अपने विचार साझा किए. बीईईओ विजय राम ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि शिक्षा के बिना समग्र विकास संभव नहीं है और तमाम शिक्षण गतिविधियों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है. कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जिनमें राजेंद्र प्रसाद, मंजू देवी, उत्तम महतो और रंजीत मेहता सहित कई अन्य शामिल थे, उन्हें मेडल देकर सम्मानित किया गया. प्रोजेक्टर के माध्यम से जिले की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन भी किया गया, ताकि भविष्य की योजनाओं को और बेहतर बनाया जा सके.
