गिरिडीह. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री रामनिवास यादव की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में उपायुक्त ने जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए. उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी और सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाया जाए. साथ ही, हिट एंड रन के लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने और दुर्घटना संभावित ‘ब्लैक स्पॉट्स’ पर हाई मास्ट लाइट व सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए.
बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी श्री संतोष कुमार ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘राह-वीर योजना’ की विस्तृत जानकारी दी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के ‘गोल्डन आवर’ (हादसे के ठीक बाद का पहला घंटा) में घायलों की मदद करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है. योजना के तहत, जो व्यक्ति घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करेगा, उसे 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा. उपायुक्त ने कहा कि इस पहल से आम जनता का मनोबल बढ़ेगा और सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों में प्रभावी कमी आएगी.
