देवघर. जिले के नवपदस्थापित सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कार्यभार संभालते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यालयों और अस्पतालों में अब “चापलूसी” का दौर खत्म होगा और केवल “काम” को ही महत्व दिया जाएगा. उन्होंने जल्द ही जिले के सभी चिकित्सकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर उनकी वर्तमान कार्यशैली की विस्तृत समीक्षा करने की घोषणा की है.
मरीजों की सुविधा और ‘गोल्डन आवर’ पर जोर: सिविल सर्जन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों को निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने का सख्त निर्देश दिया है. उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा में ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना या गंभीर स्थिति के बाद का पहला घंटा) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस दौरान चिकित्सकों की तत्परता और समय पर मिला इलाज किसी भी मरीज की जान बचाने में निर्णायक साबित होता है.
लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई: डॉ. रमेश कुमार ने यह भी साफ कर दिया है कि वे स्वयं जिलों के विभिन्न अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगे. ड्यूटी से गायब रहने वाले या कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए सभी का सहयोग अनिवार्य है, लेकिन अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अन्य प्रशासनिक अपडेट: इसी क्रम में, गुरुवार को डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा ने क्षेत्रीय उपनिदेशक (संताल परगना प्रमंडल, दुमका) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. कार्यभार संभालते ही उन्होंने कार्यालय के लंबित कार्यों का निष्पादन शुरू कर दिया और ट्रेजरी सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया.
