गिरिडीह. प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजय प्रवेश की स्मृति में रविवार को गिरिडीह जिले में पाम संडे (खजूर रविवार) श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मसीही समुदाय के लोगों ने हाथों में खजूर की डालियां लेकर भव्य शोभायात्राएं निकालीं, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया। इसी के साथ मसीही समाज के ‘पवित्र सप्ताह’ (Holy Week) की शुरुआत हो गई है।
प्रमुख आयोजन और शोभायात्रा:
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पचंबा: स्टीवेंसन मेमोरियल चर्च (CNI) से विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बच्चों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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महेशमुंडा: यहां स्थित चर्च में भी विशेष मिस्सा बलिदान का आयोजन हुआ और खजूर की डालियों के साथ मसीही विश्वासियों ने नगर भ्रमण किया।
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प्रतीक: श्रद्धालुओं ने खजूर के कोमल पत्तों से बने ‘क्रॉस’ के साथ प्रार्थना की, जो प्रभु यीशु के बलिदान और विनम्रता का प्रतीक है।
धार्मिक महत्व: पवित्र मिस्सा के दौरान फादर मसीहचरण ने बताया कि यह पर्व ईस्टर से पहले आने वाला अंतिम रविवार है। उन्होंने कहा कि जब यीशु यरूशलेम पहुंचे थे, तब लोगों ने खजूर की डालियां बिछाकर उनका राजा के रूप में स्वागत किया था। यह दिन आत्मचिंतन और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था को समर्पित है। जिले भर के चर्चों में ‘होशाना’ के जयघोष के साथ शांति और भाईचारे का संदेश दिया गया।
