वाशिंगटन: राष्ट्रपति ट्रंप का राष्ट्र के नाम संबोधन; ईरान को ‘पाषाण युग’ में भेजने की चेतावनी, बातचीत का रास्ता भी खुला

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वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (अमेरिकी समयानुसार) को व्हाइट हाउस से ईरान के साथ जारी संघर्ष पर अपना पहला आधिकारिक संबोधन दिया। राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत अमेरिकी सेना की बड़ी जीत का दावा किया और ईरान के नए नेतृत्व को सख्त चेतावनी के साथ कूटनीतिक बातचीत का प्रस्ताव भी दिया।

“ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देंगे” ट्रंप ने अपने संबोधन में बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कूटनीतिक बातचीत और ‘डील’ विफल रहती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर समझौता नहीं हुआ, तो हम उनके हर एक बिजली उत्पादन संयंत्र को एक साथ निशाना बनाएंगे। हम ईरान को पाषाण युग (Stone Age) में पहुंचा देंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक तेल ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है, जो कि सबसे आसान लक्ष्य हैं, लेकिन यह विकल्प अब भी खुला है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: “ईरान की नौसेना और वायुसेना तबाह” पिछले चार हफ्तों से चल रहे सैन्य अभियान पर अपडेट देते हुए ट्रंप ने कहा:

  • सैन्य ढांचा: ईरान का रडार सिस्टम 100 प्रतिशत नष्ट हो चुका है और उसके पास अब कोई प्रभावी एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं बचा है।

  • नौसेना और वायुसेना: राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की समुद्री और हवाई ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

  • आतंकी नेतृत्व: ट्रंप के अनुसार, ईरान के ज्यादातर शीर्ष नेता, जिन्हें अमेरिका आतंकवादी मानता है, मारे जा चुके हैं।

  • मिसाइल क्षमता: हथियार फैक्ट्रियां और रॉकेट लॉन्चर तबाह होने से ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता न्यूनतम स्तर पर आ गई है।

‘रेजिम चेंज’ पर बदला रुख ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) कभी उनका आधिकारिक उद्देश्य नहीं था, लेकिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद वहां नेतृत्व स्वतः बदल गया है। ट्रंप ने नए नेतृत्व को पहले की तुलना में “कम कट्टर और अधिक तर्कसंगत” बताया, जिससे भविष्य में शांति वार्ता की संभावनाओं को बल मिला है।

दोहरी रणनीति: कूटनीति और युद्ध राष्ट्रपति के संबोधन से साफ है कि वाशिंगटन फिलहाल दोहरी नीति पर चल रहा है। एक तरफ जहां ट्रंप ने संकेत दिया कि कूटनीतिक बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका एक ‘अजेय सैन्य शक्ति’ के रूप में किसी भी बड़े हमले के लिए तैयार है। उन्होंने इसे “पहले से कहीं ज्यादा बड़ी जीत” करार दिया।

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