रामगढ़ (अजय कुमार). झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू स्थित निर्माणाधीन पावर प्लांट में मजदूरों का व्यापक आंदोलन गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. अपनी मांगों को लेकर हजारों की संख्या में श्रमिकों ने प्लांट के मुख्य द्वार को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे पावर प्लांट के अंदर चल रहे सभी निर्माण और तकनीकी कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, कामकाज बहाल नहीं होने दिया जाएगा.
कोर्ट के आदेश के बावजूद नई मजदूरी दर का इंतजार आंदोलनकारी मजदूरों का मुख्य मुद्दा ‘नई मजदूरी दर 2026’ को लागू करना है. श्रमिकों का आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद प्रबंधन द्वारा अब तक संशोधित मजदूरी दर लागू नहीं की गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. गुरुवार को प्रबंधन और मजदूरों के बीच हुई वार्ता एक बार फिर विफल रही. वार्ता के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब अधिकारियों के अड़ियल रवैये से नाराज कुछ मजदूरों की उनके साथ धक्का-मुक्की हो गई.
हजारों श्रमिकों का ‘गेट जाम’ और ठप पड़ा काम हजारों की तादाद में जुटे मजदूरों ने सुबह से ही प्लांट के मुख्य गेट पर डेरा डाल दिया. इस कारण न तो कोई कर्मचारी अंदर जा सका और न ही निर्माण सामग्री से लदे वाहन प्लांट परिसर में प्रवेश कर पाए. मजदूरों का कहना है कि प्रबंधन केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि उन्हें अब ठोस लिखित आदेश चाहिए.
भारी पुलिस बल तैनात, प्रशासन अलर्ट हालात को बेकाबू होते देख जिला प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है. पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी और अंचल अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं. प्रशासनिक अधिकारियों ने मजदूरों और प्लांट प्रबंधन के बीच मध्यस्थता कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है, लेकिन मजदूर अपनी मांगों पर अडिग हैं. खबर लिखे जाने तक प्लांट परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस उपद्रव की किसी भी आशंका को लेकर सतर्क है.
