ओरमांझी (रोहित लाल). रांची-रामगढ़ उच्च पथ पर चुटुपालु स्थित सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल के समीप बुधवार दोपहर 3 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। रांची की ओर जा रहे ईंट लदे एक हाइवा (JH 09AK 1636) को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार दूध टैंकर (UP 32RT 2978) ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भिड़ंत में टैंकर का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
स्टेयरिंग काटकर निकाला गया शव, एक घंटे तक चला रेस्क्यू टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर का चालक केबिन और स्टेयरिंग के बीच बुरी तरह फंस गया था। सूचना मिलते ही ओरमांझी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन चालक को बाहर निकालना नामुमकिन था। इसके बाद प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनों को बुलाया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत और स्टेयरिंग व केबिन के लोहे को काटकर चालक को बाहर निकाला जा सका। उसे तुरंत ओरमांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नींद की झपकी बनी काल; एमपी का रहने वाला था चालक प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टैंकर दिल्ली से दूध लेकर रांची की ओर आ रहा था। चुटुपालु टोल प्लाजा से महज 200 मीटर पहले चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे हाइवा से जा टकराया। मृतक की पहचान मान सिंह, निवासी अरौन गांव (जिला मुरैना, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है।
हाईवे पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल ओरमांझी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद चुटुपालु घाटी जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में भारी वाहनों की रफ्तार और लंबी दूरी के चालकों की थकान (Fatigue) को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अक्सर नींद की कमी ऐसे घातक हादसों का मुख्य कारण बनती है।
