भभुआ. बिहार के कैमूर जिले स्थित भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार को मानवता और प्रशासनिक तत्परता की एक सुखद मिसाल देखने को मिली. प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर एक गर्भवती महिला ने स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. रेलवे प्रशासन, आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की सक्रियता के कारण विपरीत परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रसव संपन्न हो सका. यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.
ट्रेन में शुरू हुई प्रसव पीड़ा जानकारी के अनुसार, कुदरा थाना क्षेत्र के कझार गांव निवासी लालू चौधरी की 22 वर्षीय पत्नी रीना देवी अपने पति और मां के साथ ट्रेन संख्या 63293 (अप) से रूटीन चेकअप के लिए मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल जा रही थीं. सुबह करीब 11:32 बजे जैसे ही ट्रेन भभुआ रोड स्टेशन पहुँची, रीना देवी को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई.
महिला आरक्षियों ने संभाला मोर्चा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला. स्टेशन अधीक्षक (SS) के नेतृत्व में आरपीएफ जवान कैसर जमाल खान, जीआरपी प्रभारी मुन्ना कुमार और एएसआई प्रवीण कुमार ओझा ने त्वरित व्यवस्था की. विशेष रूप से महिला आरक्षी मधु साहनी और रिंकू कुमारी ने परिजनों के साथ मिलकर प्लेटफॉर्म पर चादरों की ओट तैयार कर एक सुरक्षित घेरा बनाया.
45 मिनट की देरी से पहुँची एम्बुलेंस, प्लेटफॉर्म बना ‘लेबर रूम’ रेलवे अधिकारियों ने तत्काल एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन एम्बुलेंस को पहुँचने में करीब 45 मिनट की देरी हो गई. प्रसव पीड़ा असह्य होने के कारण टीम ने मौके पर ही डिलीवरी कराने का साहसिक निर्णय लिया. महिला रेलकर्मियों के सहयोग से रीना देवी ने एक सुंदर और स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. बाद में पहुँची एम्बुलेंस के जरिए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया भेज दिया गया.
रेलकर्मियों की चौतरफा सराहना सुरक्षित प्रसव के बाद परिजनों ने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बल की टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया. स्टेशन प्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में टीमवर्क और त्वरित निर्णय के कारण ही एक अनहोनी टल गई और सुरक्षित प्रसव संभव हो सका. वर्तमान में माँ और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं.
