इम्फाल/मोइरांग. मणिपुर में हिंसा का खौफनाक दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंग्लाओबी इलाके में सोमवार देर रात करीब 1 बजे उग्रवादियों ने एक रिहायशी घर को निशाना बनाकर बम से हमला किया. इस जघन्य वारदात में दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे राज्य में एक बार फिर तनाव और शोक की लहर दौड़ गई है.
नींद में ही छीन ली गईं मासूम जिंदगियाँ प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमला उस वक्त हुआ जब घर के अंदर एक माँ अपने दो छोटे बच्चों के साथ सो रही थी. उग्रवादियों द्वारा फेंके गए बम के फटने से घर का एक हिस्सा ढह गया और उसकी चपेट में आने से:
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5 वर्षीय बालक और
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6 महीने की दुधमुंही बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
घटनास्थल चुराचांदपुर के पहाड़ी क्षेत्रों के बेहद करीब है. यह वही इलाका है जहाँ 2023 और 2024 के जातीय संघर्ष के दौरान लगातार गोलीबारी और हिंसा की खबरें आती रही थीं.
बीजेपी विधायक ने बताया ‘नार्को-आतंकवाद’ स्थानीय बीजेपी विधायक टी एच शांति सिंह ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने इस हमले के पीछे ‘कुकी नार्को-आतंकवादियों’ का हाथ होने का दावा किया. विधायक ने कहा:
“ट्रोंग्लाओबी आवांग लेकाई में हुआ यह जघन्य कृत्य आतंकवाद से कम नहीं है. मासूम बच्चों को इतनी निर्दयता से निशाना बनाना अमानवीय है. ऐसे कृत्यों का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है.”
शोक संतप्त परिवार को सांत्वना विधायक ने मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश में कॉम्बिंग ऑपरेशन (Search Operation) शुरू कर दिया गया है.
इलाके में भारी तनाव इस घटना के बाद बिष्णुपुर और आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. स्थानीय लोगों में इस कायराना हमले को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है. पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है.
