आरा (भोजपुर). बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में मंगलवार की देर शाम प्रतिशोध की एक ऐसी पटकथा सामने आई, जिसकी बुनियाद 20 साल पहले रखी गई थी. टाउन थाना क्षेत्र के शांति नगर मोहल्ले में एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट अरविंद उपाध्याय पर उनके ही भतीजे अनिल शुक्ला उर्फ मनजी शुक्ला ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. हमले के बाद आरोपी ने खुद थाने पहुँचकर सरेंडर कर दिया और अपने कृत्य पर कोई पछतावा न होने की बात कही.
‘जेल ही मेरा घर है’ : 20 साल का दर्द बना हमले की वजह
पुलिस हिरासत में आरोपी अनिल शुक्ला ने जो कहानी सुनाई, वह चौंकाने वाली है. अनिल के अनुसार, यह हमला केवल जमीन का विवाद नहीं बल्कि बचपन में झेले गए अपमान और प्रताड़ना का बदला था.
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मकान का विवाद: आरोपी ने बताया कि शहर का घर उसकी दादी के नाम पर था, जिसे छोड़ने के लिए अरविंद उपाध्याय उसके माता-पिता पर दबाव डालते थे.
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क्रूरता का आरोप: अनिल ने आरोप लगाया कि जब वह छोटा था, तब अरविंद उपाध्याय उसके दो भाइयों और 80 साल के दादा को कमरे में बंद कर, कपड़े उतारकर कोड़ों से पीटते थे. माँ को किचन में बंद कर दिया जाता था और वह खुद डर के मारे छज्जे पर छिप जाता था.
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बदले की कसम: भाइयों की पीठ पर कोड़ों के निशान देखकर अनिल ने बचपन में ही बदला लेने की कसम खाई थी. उसने बताया कि वह पिछले कई महीनों से सार्जेंट की रेकी कर रहा था.
वारदात और सरेंडर
मंगलवार शाम जब अरविंद उपाध्याय अपने घर पहुँचे, तभी अनिल ने उन पर चाकू से हमला कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद अनिल सीधे टाउन थाना पहुँचा और आत्मसमर्पण कर दिया. हमले के दौरान अनिल भी मामूली रूप से चोटिल हुआ है, जिसका इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है.
घायल की स्थिति गंभीर
अरविंद उपाध्याय को शहर के बाबू बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सर्जन डॉ. विकाश सिंह ने बताया कि चाकू लगने के कारण काफी अधिक खून बह चुका है. उनका ऑपरेशन किया गया है और फिलहाल उन्हें गहन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है.
पुलिस की कार्रवाई
सदर एसडीपीओ राज कुमार साह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
“पुराने घरेलू विवाद और पट्टीदारी की रंजिश में एक युवक ने अपने चाचा पर हमला किया है. आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है. घायल की स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है.”
आरोपी अनिल शुक्ला चार भाइयों में तीसरे नंबर पर है. उसके दो भाई सीआईएसएफ (CISF) में तैनात हैं. अनिल ने बताया कि वह अपनी कसम पूरी करने के लिए ही प्राइवेट नौकरी छोड़कर आरा आया था.
