ममता बनर्जी का बड़ा हमला: बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम हटने पर गरमाई सियासत; 2026 चुनाव में ‘मछली-भात’ और ‘अस्मिता’ पर छिड़ी जंग

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हुगली/कोलकाता (8 अप्रैल, 2026). पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान (29 अप्रैल) से पहले राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को हुगली जिले के आरामबाग, बालागढ़ और श्रीरामपुर में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयोग (ECI) और भाजपा पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि साजिश के तहत वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाए गए हैं.

91 लाख नाम हटने पर कानूनी लड़ाई का ऐलान

ममता बनर्जी ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य के मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर करीब 6.75 करोड़ रह गई है.

  • आंकड़े: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लगभग 90.83 लाख (91 लाख) नाम लिस्ट से काट दिए गए हैं.

  • सुप्रीम कोर्ट का रुख: उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस पहले ही इस मुद्दे पर कोर्ट गई थी, जिससे 32 लाख नाम बहाल हुए, लेकिन अब वे बचे हुए नामों के लिए दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी.

  • आरोप: ममता ने कहा, “मुस्लिम बहुल जिलों और टीएमसी के गढ़ों को निशाना बनाकर नाम हटाए गए हैं. केवल नाम काटकर भाजपा हमें नहीं हरा पाएगी.”

‘मछली-भात’ पर इमोशनल कार्ड

बालागढ़ की रैली में ममता बनर्जी ने बंगाल की ‘सांस्कृतिक अस्मिता’ को चुनावी मुद्दा बनाया. उन्होंने कहा:

“भाजपा को वोट देने का मतलब है अपनी थाली से मछली और मांस गंवाना. यूपी-राजस्थान जैसे राज्यों की तरह ये यहाँ भी आपके खान-पान पर पाबंदी लगाएंगे. भाजपा आई तो न बांग्ला भाषा बचेगी और न आपका पारंपरिक भोजन.”

आयोग पर गंभीर आरोप और ‘विभाजन’ की चेतावनी

  • ECI पर हमला: ममता बनर्जी ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के निर्देश पर काम कर रहा है और लोगों को फोन कर धमकाया जा रहा है.

  • बंगाल का बंटवारा: श्रीरामपुर में उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन (Delimitation) के बहाने भाजपा बंगाल को विभाजित कर एक नया राज्य बनाना चाहती है, जिसे वे मरते दम तक नहीं होने देंगी.

भाजपा की प्रतिक्रिया: ‘गुमराह कर रही हैं मुख्यमंत्री’

ममता बनर्जी के ‘फूड पॉलिटिक्स’ वाले बयानों पर पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं (जैसे डॉ. शंकर घोष और सुकांत मजूमदार) ने इसे हास्यास्पद बताया है. भाजपा उम्मीदवारों ने रैलियों में मछली हाथ में लेकर प्रदर्शन किया और आश्वासन दिया कि वे बंगाल की संस्कृति के रक्षक हैं, भक्षक नहीं.

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मुख्य कार्यक्रम

  • पहला चरण: 23 अप्रैल (उत्तर बंगाल के जिले)

  • दूसरा चरण: 29 अप्रैल (दक्षिण बंगाल के जिले, हुगली समेत)

  • नतीजे: 4 मई, 2026

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