दुर्गापुर. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के प्रचार के बीच औद्योगिक शहर दुर्गापुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने राजनीतिक कटुता के बीच मानवीय संवेदनाओं और शिष्टाचार को जीवंत कर दिया है. शुक्रवार को दुर्गापुर कोर्ट परिसर में भाजपा और सीपीएम के प्रत्याशियों ने न केवल एक-दूसरे से मुलाकात की, बल्कि गर्मजोशी से गले मिलकर चुनावी हिंसा के माहौल में सौहार्द का संदेश दिया.
कोर्ट परिसर में हुआ ‘सियासी मिलन’
वाकया उस समय का है जब दुर्गापुर पूर्व से भाजपा प्रत्याशी चंद्रशेखर बनर्जी कोर्ट परिसर में जनसंपर्क कर रहे थे. उसी समय वहां सीपीएम प्रत्याशी सिमंत चटर्जी (दुर्गापुर पूर्व), प्रभास साईं (दुर्गापुर पश्चिम) और प्रवीर मंडल (पांडवेश्वर) भी पहुँच गए.
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शिष्टाचार: नारेबाजी या तनाव के बजाय, सभी उम्मीदवारों ने हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए एक-दूसरे को गले लगाया.
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जनता की प्रतिक्रिया: इस दुर्लभ नजारे को देखकर वहां मौजूद वकील और आम नागरिक दंग रह गए और तालियों के साथ इस पहल का स्वागत किया.
पूर्व मेयर की नसीहत: ‘हिंसामुक्त हो राजनीति’
इस दौरान दुर्गापुर के पूर्व मेयर और वरिष्ठ सीपीएम नेता रथिन रॉय ने भाजपा प्रत्याशी चंद्रशेखर बनर्जी को एक अभिभावक की तरह सलाह दी. उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि बांटना. उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव बिना किसी हिंसा के संपन्न होने चाहिए.
प्रत्याशियों का साझा संदेश
मीडिया से बात करते हुए चारों उम्मीदवारों ने स्पष्ट किया कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनके मन में कोई कटुता नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंसामुक्त समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना ही राजनीति का असली उद्देश्य है. बंगाल की राजनीति में अक्सर होने वाली हिंसक झड़पों के बीच दुर्गापुर की यह घटना ‘स्वस्थ लोकतंत्र’ की एक मिसाल बनकर उभरी है.
