नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब एक दिन पहले ही लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026’ जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गया. उम्मीद की जा रही है कि पीएम मोदी इस मुद्दे पर सरकार का रुख साफ करेंगे और विपक्ष के विरोध पर अपनी बात रखेंगे.
क्यों महत्वपूर्ण है यह संबोधन?
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ऐतिहासिक घटना: 2014 के बाद यह पहली बार है जब मोदी सरकार का कोई आधिकारिक बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका.
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विपक्ष का विरोध: कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने बिल को ‘परिसीमन’ (Delimitation) से जोड़ने का विरोध करते हुए इसे संघीय ढांचे पर हमला बताया था.
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आगामी रणनीति: आज सुबह हुई कैबिनेट बैठक के बाद यह माना जा रहा है कि पीएम मोदी महिला आरक्षण को 2029 तक लागू करने के लिए किसी वैकल्पिक योजना की घोषणा कर सकते हैं.
संबोधनों का इतिहास (प्रमुख घोषणाएं): पीएम मोदी ने इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण मौकों पर राष्ट्र को संबोधित किया है:
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8 नवंबर 2016: नोटबंदी की घोषणा.
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19 मार्च 2020: जनता कर्फ्यू का आह्वान.
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19 नवंबर 2021: तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला.
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12 मई 2025: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर संबोधन.
क्या था बिल में विवाद? सरकार 2029 के चुनावों से पहले आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करना चाहती थी. विपक्ष का तर्क है कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों की प्रतिनिधित्व शक्ति कम हो जाएगी. शुक्रवार को हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि जीत के लिए 352 वोटों की जरूरत थी.
