चतरा. झारखंड के चतरा जिले के उपायुक्त (DC) रवि आनंद ने शनिवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में फैली गंदगी और कुव्यवस्था को देख उपायुक्त का पारा चढ़ गया। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने मौके पर ही हॉस्पिटल मैनेजर रवि शंकर को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया।
वार्डों की बदहाली देख जताई नाराजगी: उपायुक्त ने सदर अस्पताल के ओपीडी, इमरजेंसी यूनिट, प्रसूति वार्ड और दवा स्टोर रूम का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली कमियां सामने आईं:
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गंदगी और बंद कमरे: अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी, शौचालयों की बदतर स्थिति और कई महत्वपूर्ण कमरों के ताले बंद पाए जाने पर डीसी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
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मैनेजर पर कार्रवाई: अस्पताल के प्रबंधन और स्वच्छता बनाए रखने में विफल रहने के आरोप में हॉस्पिटल मैनेजर पर तत्काल गाज गिरी।
मरीजों से ली फीडबैक, दवाओं की उपलब्धता पर जोर: उपायुक्त ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें अस्पताल से दवाएं मिल रही हैं या नहीं और डॉक्टरों का व्यवहार कैसा है। डीसी ने सिविल सर्जन को कड़े निर्देश देते हुए कहा:
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मुफ्त दवा: अस्पताल में सभी जरूरी दवाओं का स्टॉक सुनिश्चित करें ताकि गरीब मरीजों को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े।
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ड्यूटी रोस्टर: सभी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहें। बायोमेट्रिक और उपस्थिति पंजी की नियमित जांच की जाएगी।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त रवि आनंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों के साथ संवेदनशीलता और अच्छे व्यवहार के साथ पेश आने की नसीहत दी। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएं और यदि कहीं कोई कमी दिखे तो सीधे शिकायत करें।
इस निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार सिन्हा, डीएस डॉ. पंकज कुमार समेत कई स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे। डीसी की इस कार्रवाई से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
