रामगढ़: भीषण गर्मी और लू की शुरुआत के साथ ही रामगढ़ जिला प्रशासन बिजली और पेयजल की सुचारू व्यवस्था को लेकर सक्रिय हो गया है। मंगलवार को उपायुक्त ऋतुराज ने गूगल मीट (Google Meet) के माध्यम से विद्युत और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिले के किसी भी हिस्से में पानी और बिजली के लिए हाहाकार नहीं मचना चाहिए।
बैठक के मुख्य बिंदु:
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जलापूर्ति की गारंटी: उपायुक्त ने खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत में तेजी लाने और पाइपलाइन लीकेज को युद्ध स्तर पर ठीक करने का निर्देश दिया। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन की पहुंच नहीं है, वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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बिजली व्यवस्था: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए खराब ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने का लक्ष्य दिया गया। जूनियर और सहायक इंजीनियरों को फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने का आदेश है।
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कंट्रोल रूम की सक्रियता: जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे उपायुक्त को देनी होगी।
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जवाबदेही तय: डीसी ऋतुराज ने चेतावनी दी कि बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य आम लोगों को इस भीषण गर्मी में बिजली और पानी की समस्या से राहत दिलाना है, जिसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना अनिवार्य है।
