तमिलनाडु में ऐतिहासिक बदलाव: जोसेफ विजय बने मुख्यमंत्री, द्रविड़ दलों के वर्चस्व का अंत; पहली कैबिनेट में ही महिलाओं की सुरक्षा और मुफ्त बिजली का बड़ा फैसला

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चेन्नई. तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार को एक नए युग की शुरुआत हुई. तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली. चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें शपथ दिलाई. इस शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में दशकों से चले आ रहे AIADMK और DMK के पारंपरिक द्रविड़ वर्चस्व का अंत हो गया है.

मुख्यमंत्री बनते ही लिए दो बड़े फैसले

शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने जनहित में दो महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए:

  1. मुफ्त बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना को मंजूरी दी.

  2. महिला सुरक्षा: राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष बल (Special Force) के गठन का आदेश दिया.

शपथ ग्रहण की खास बातें

  • ईश्वर के नाम पर शपथ: मुख्यमंत्री विजय और उनके मंत्रियों ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली, जो कि पिछली द्रमुक सरकार की परिपाटी से अलग रहा.

  • दिग्गजों की मौजूदगी: समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी सहित कई राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं.

  • नई कैबिनेट: विजय के मंत्रिमंडल में आधव अर्जुन, एन आनंद और के.ए. सेंगोट्टैयन जैसे प्रमुख नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली.

  • बहुमत साबित करने का समय: राज्यपाल ने विजय सरकार को 13 मई तक विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का समय दिया है.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

  • पीएम मोदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को बधाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के विकास और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी.

  • राहुल गांधी और कांग्रेस: कांग्रेस नेता माणिकम टैगोर ने इसे नई उम्मीद का सवेरा बताया, वहीं प्रदेश प्रभारी गिरीश चोडनकर ने आरोप लगाया कि राज्यपाल पर केंद्र का दबाव था, लेकिन अंततः धर्मनिरपेक्ष दलों की एकता से जनता के जनादेश की जीत हुई.

  • विपक्षी दलों का समर्थन: सीपीआई(एम) और अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों ने सरकार गठन का स्वागत किया है.

अपने पहले संबोधन में मुख्यमंत्री विजय ने भावुक होते हुए कहा कि वह किसी ‘शाही वंश’ से नहीं आते, बल्कि जनता के प्यार ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है. उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार झूठे वादों के बजाय पारदर्शी और जनहितकारी प्रशासन पर ध्यान केंद्रित करेगी.

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