अबू धाबी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 15 मई 2026 को अपने पांच देशों के विदेश दौरे के पहले चरण के तहत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे. अबू धाबी हवाई अड्डे पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने प्रोटोकॉल तोड़कर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके बाद पीएम मोदी को भव्य ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया.
पश्चिम एशिया संकट पर गहरी चिंता
राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के मौजूदा हालातों पर विस्तार से चर्चा की.
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वैश्विक प्रभाव: पीएम मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और स्थिरता पर दिख रहा है.
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कूटनीति का रास्ता: उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से ‘बातचीत और कूटनीति’ के जरिए समाधान निकालने का पक्षधर रहा है.
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होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा: पीएम मोदी ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो.
यूएई पर हमलों की निंदा और समर्थन का वादा
प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में यूएई को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की:
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कड़ा रुख: उन्होंने कहा कि यूएई पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और भारत आतंकवाद व अस्थिरता के खिलाफ हर हाल में यूएई के साथ खड़ा है.
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संयम की सराहना: पीएम ने विपरीत परिस्थितियों में यूएई द्वारा दिखाए गए संयम और कुशल प्रबंधन की प्रशंसा की.
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शांति में सहयोग: उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए भारत अपना पूरा सहयोग देगा.
मजबूत होते द्विपक्षीय संबंध
पीएम मोदी का यह दौरा भारत और यूएई के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है. बातचीत के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सहमति जताई गई. पीएम मोदी ने दोहराया कि यूएई भारत का एक भरोसेमंद साझेदार है और दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करेंगे.
