पतरातू. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पतरातू पोस्ट की टीम ने रेल संपत्तियों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है. आरपीएफ ने पतरातू गुड्स शेड की साइडिंग लाइन से बेहद महत्वपूर्ण रेलवे सिग्नलिंग केबल चोरी करने के आरोप में तीन चोरों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से करीब 20 मीटर लंबा (12 कोर) रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद किया गया है. रेलवे के तकनीकी जानकारों के अनुसार, इस केबल के कटने से रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो सकता था और कोई बड़ा रेल हादसा भी घटित हो सकता था.
बोरी में केबल छिपाकर बेचने जा रहे थे आरोपी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी रामगढ़ जिले के भुरकुंडा थाना क्षेत्र के सौंदा बगीचा के रहने वाले हैं. इनकी पहचान निम्नलिखित रूप में की गई है:
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मोहन डे (50 वर्ष)
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राहुल कुमार (18 वर्ष)
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गौतम कुमार (20 वर्ष)
पॉइंट संख्या 305 से काटा था केबल
आरपीएफ पतरातू पोस्ट से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 23 मई की रात का है:
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लोकेशन बॉक्स को बनाया निशाना: 23 मई की रात करीब 8:00 बजे चोरों ने पतरातू पॉइंट संख्या 305 के पास स्थित रेलवे के लोकेशन बॉक्स को कटर से काटकर 2×12 कोर सिग्नलिंग केबल उड़ा ली थी.
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ज्वाइंट नोट तैयार: केबल कटने के कारण सिग्नलिंग सिस्टम में आई खराबी के बाद रेलवे विभाग द्वारा 24 मई को एक आपातकालीन ज्वाइंट नोट तैयार कर आरपीएफ को जांच सौंपी गई थी.
संदेह होने पर आरपीएफ ने घेराबंदी कर दबोचा
शनिवार को जब आरपीएफ की गश्ती टीम मामले की तफ्तीश कर पतरातू बस्ती क्षेत्र से वापस लौट रही थी, तभी ईस्ट केबिन के पास टीम को तीन संदिग्ध युवक जूट की भारी बोरी ले जाते दिखाई दिए. आरपीएफ जवानों को देखकर तीनों भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों को चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया. जब जूट की बोरी की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से तीन टुकड़ों में कटी हुई कुल 20 मीटर रेलवे सिग्नलिंग केबल बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹2,000 आंकी गई है.
पैसे के लालच में दिया अंजाम, कड़ी धाराओं में FIR दर्ज
आरपीएफ की कड़ाई से की गई पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उन्होंने बताया कि चंद पैसों के लालच में उन्होंने 23 मई की रात ही कटर से केबल काटी थी और पुलिस के डर से उसे पास के ही एक टूटे हुए रेलवे केबिन में छिपा दिया था. शनिवार की दोपहर वे इस चोरी के माल को कबाड़ी दुकान में बेचने के लिए ले जा रहे थे.
चूंकि आरोपियों के पास रेलवे की संपत्ति ले जाने या रखने का कोई वैध कागजात नहीं था, इसलिए आरपीएफ के उप-निरीक्षक (SI) प्रवीण कुमार की लिखित शिकायत पर आरपीएफ पोस्ट पतरातू में कांड संख्या-05/2026 दर्ज की गई है. आरोपियों के खिलाफ धारा-3 आरपी(यूपी) एक्ट (रेलवे संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम) और रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है.
