लोहरदगा में दिल दहला देने वाला हादसा: बच्चों के साथ खेत में काम कर रही महिला पर जंगली हाथी का हमला; सूंड से उठाकर जमीन पर पटका, मौत

झारखंड

लोहरदगा. झारखंड के लोहरदगा जिले के भंडरा थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आई है. यहाँ के बेदाल टंगरा टोली गांव में मंगलवार की सुबह एक जंगली हाथी ने अचानक हमला कर एक 35 वर्षीय महिला को बेरहमी से रौंद डाला, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इस भयावह घटना के बाद से पूरे भंडरा प्रखंड और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत और वन विभाग के खिलाफ आक्रोश का माहौल है.

खेत में गिर गया था बच्चा, लेकिन हाथी ने मां को बनाया निशाना

पारिवारिक और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह उस वक्त हुई जब गांव के किसान रोजमर्रा की तरह अपने खेतों में काम कर रहे थे:

  • परिवार के साथ कर रही थी काम: बेदाल टंगरा टोली निवासी प्रतिमा उराइन (35 वर्ष) अपने पति कृष्णा उरांव और अपने दो मासूम बच्चों के साथ खेत में कृषि कार्य (खेती-बाड़ी) में जुटी हुई थी.

  • अचानक पहुंचा गजराज: इसी दौरान पास के घने जंगल से निकलकर एक विशालकाय जंगली हाथी सीधे खेत की तरफ धमक आया. हाथी को अपनी ओर बढ़ता देख खेत और आस-पास मौजूद ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

  • मची अफरा-तफरी: भागने के क्रम में प्रतिमा का एक बच्चा खेत की मेढ़ से टकराकर जमीन पर गिर गया. हालांकि, हाथी ने बच्चे या अन्य किसी भागते हुए ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि उसने सीधे प्रतिमा उराइन को अपनी चपेट में ले लिया. हाथी ने महिला को सूंड से जकड़कर जमीन पर पटक दिया और पैरों से बुरी तरह कुचल डाला.

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

हाथी के वहां से थोड़ा दूर जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने अत्यंत बहादुरी दिखाते हुए लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल प्रतिमा को तुरंत उठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया और बताया कि अंदरूनी अंगों में गंभीर चोट आने और अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था. इस घटना के बाद से पति कृष्णा उरांव और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है.

इलाके में ही डटा है हाथी, वन विभाग से मुआवजे की मांग

इस घटना के बाद से बेदाल टंगरा टोली सहित आस-पास के आधा दर्जन गांवों में मातमी सन्नाटा और खौफ पसरा हुआ है. ग्रामीणों में इस बात को लेकर ज्यादा डर है कि उक्त जंगली हाथी घटना के बाद भी उसी इलाके के जंगलों और खेतों के आसपास ही मंडरा रहा है, जिससे लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने और खेतों में जाने से कतरा रहे हैं.

  1. वन विभाग को सूचना: ग्रामीणों द्वारा स्थानीय पुलिस और वन विभाग (Forest Department) को घटना की लिखित सूचना दे दी गई है.

  2. ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तुरंत क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैनात कर हाथी को सुरक्षित तरीके से खदेड़ा जाए. साथ ही, पीड़ित परिवार को अविलंब सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाए.

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