गम्हरिया में सनसनी: ‘वात्सल्य बालिका गृह’ से गायब हुईं दो नाबालिग लड़कियां; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, जांच करने पहुंचीं DSWO

झारखंड

जमशेदपुर. सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटा गम्हरिया में संचालित ‘वात्सल्य बालिका गृह’ से दो नाबालिग लड़कियों के लापता होने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है. घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन को दोनों बच्चियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है. इस घटना के बाद से सरकारी संरक्षण में चल रहे इस बालिका गृह की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. गौरतलब है कि यह केंद्र ‘मिशन वात्सल्य योजना’ के तहत वर्षों से बंद पड़े एक आदिवासी बालिका छात्रावास के भवन में चलाया जा रहा है.

मंगलवार की रात अचानक गायब हुईं दोनों बच्चियां

बालिका गृह प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार रात की है:

  • अचानक हुईं लापता: केंद्र में रह रही दो नाबालिग लड़कियां रात के वक्त संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक परिसर से गायब हो गईं.

  • इन क्षेत्रों की हैं रहने वाली: गायब हुई बच्चियों में से एक लड़की पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र की रहने वाली है, जबकि दूसरी बच्ची सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र से संबंधित बताई जा रही है.

  • मैनेजमेंट में हड़कंप: रात में दोनों लड़कियों को परिसर में न पाकर केंद्र प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए, जिसके बाद आनन-फानन में इसकी लिखित सूचना गम्हरिया थाना पुलिस को दी गई.

जांच के लिए पहुंचीं DSWO, मीडिया से बनाई दूरी

मामला सीधे तौर पर नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण प्रशासनिक महकमे में खलबली मची हुई है. गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले की जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) सत्या ठाकुर स्वयं छोटा गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह पहुंचीं.

DSWO ने केंद्र की पंजिकाओं (रजिस्टरों) की जांच की, वहां तैनात महिला गार्डों और अधिकारियों से लंबी पूछताछ की और पूरी घटना के घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली. हालांकि, इस संवेदनशील मामले पर न तो बालिका गृह प्रबंधन और न ही स्वयं डीएसडब्ल्यूओ ने मीडिया के सामने आकर कोई भी आधिकारिक बयान देने से साफ इनकार कर दिया.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने का आरोप

इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. लोगों का आरोप है कि जिस जर्जर और पुराने आदिवासी छात्रावास भवन में यह सुरक्षित बालिका गृह चलाया जा रहा है, वहां सुरक्षा के बुनियादी और पर्याप्त इंतजाम ही नहीं हैं. चारदीवारी और मुख्य गेट की सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती जा रही थी, जिसका फायदा उठाकर बच्चियां बाहर निकल गईं.

संभावित ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी जारी

मामले को लेकर गम्हरिया थाना पुलिस का कहना है कि लापता बच्चियों की बरामदगी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है. पुलिस तकनीकी शाखा (Technical Cell) की मदद ले रही है और बच्चियों के परिजनों, रिश्तेदारों तथा उनके पुराने परिचितों से भी संपर्क कर पूछताछ की जा रही है. पुलिस की टीमें दोनों के गृह थाना क्षेत्रों (पटमदा और कुचाई) में भी संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है.

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