पश्चिमी सिंहभूम. पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) के उपायुक्त (DC) और उत्पाद अधीक्षक के कड़े दिशा-निर्देश पर जिले में अवैध महुआ शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ व्यापक स्तर पर धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को उत्पाद विभाग (Excise Department) की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से तांतनगर ओपी और मंझारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खड़िया सिन्दरी में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की. इस दौरान टीम ने घने जंगलों की आड़ में संचालित किए जा रहे दो बड़े अवैध चुलाई शराब निर्माण स्थलों (भट्ठियों) को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया.
700 किलो जावा-महुआ मौके पर नष्ट, संचालकों पर FIR
उत्पाद विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है:
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भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त: छापेमारी के दौरान टीम ने शराब बनाने के उद्देश्य से ड्रमों में छिपाकर रखे गए करीब 700 किलोग्राम किण्वित जावा-महुआ को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया. इसके साथ ही तैयार की गई 20 लीटर अवैध चुलाई शराब भी जब्त की गई.
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कानूनी कार्रवाई: मामले की जानकारी देते हुए उत्पाद निरीक्षक निर्भय कुमार सिन्हा ने बताया कि दोनों अवैध शराब भट्ठियों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया है. फरार भट्ठी संचालकों और मुख्य धंधेबाजों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है.
शराब दुकानों का औचक निरीक्षण; MRP से अधिक दाम लेने पर खैर नहीं
ग्रामीण इलाकों में छापेमारी के अलावा उत्पाद विभाग की टीम ने शहरी क्षेत्र में भी दबिश दी. उपायुक्त के निर्देशानुसार, पारदर्शा सुनिश्चित करने के लिए ‘यशोदा टॉकीज’ के समीप स्थित कंपोजिट (सरकारी लाइसेंसी) शराब दुकान का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया गया.
निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकान के स्टॉक रजिस्टर, बारकोड और बिक्री की रसीदों की गहन जांच की. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सेल्समैन और दुकान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे हर हाल में नियमों के दायरे में रहकर दुकान संचालित करें. ग्राहकों से किसी भी मदिरा ब्रांड पर निर्धारित एमआरपी (MRP) से एक भी रुपया अतिरिक्त न वसूला जाए, अन्यथा पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगाते हुए लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.
निर्भय कुमार सिन्हा (उत्पाद निरीक्षक): “जिले के सुदूरवर्ती और सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब के सिंडिकेट को पूरी तरह से ध्वस्त करना हमारा मुख्य लक्ष्य है. यह अभियान महज एक दिन का नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी अवैध निर्माण, परिवहन और भंडारण के खिलाफ उत्पाद विभाग की ओर से इसी तरह की ताबड़तोड़ छापेमारी लगातार जारी रहेगी.”
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