खूंटी. झारखंड के खूंटी जिले से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. जिले के जरियागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदवन गांव के पास रविवार की सुबह-सुबह पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के बीच सीधी मुठभेड़ (Encounter) हो गई. इस खूनी मुठभेड़ में पीएलएफआई का कुख्यात उग्रवादी श्रवण दास पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया है. वहीं, पुलिस ने इस पूरे विशेष ऑपरेशन के दौरान संगठन के सात सक्रिय उग्रवादियों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. घटनास्थल और उग्रवादियों की निशानदेही पर पुलिस ने 4 छोटे आधुनिक हथियार, 29 जिंदा कारतूस, लेवी डायरी और पीएलएफआई के पर्चे बरामद किए हैं.
एसपी ऋषभ गर्ग को मिली थी गुप्त सूचना, बनाई गई थी स्पेशल टीम
खूंटी के पुलिस अधीक्षक (SP) ऋषभ गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे सफल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा की:
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शनिवार को मिला था इनपुट: एसपी को शनिवार को पक्का गुप्त इनपुट मिला था कि पीएलएफआई संगठन के कुछ कुख्यात उग्रवादी किसी बड़ी हिंसक वारदात या लेवी (रंगदारी) वसूलने के उद्देश्य से खूंटी जिला क्षेत्र में सक्रिय हैं.
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चलाया गया सर्च ऑपरेशन: सूचना के तुरंत बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले विभिन्न इलाकों से पीएलएफआई के 7 उग्रवादियों को दबोच लिया.
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अड्डे का हुआ खुलासा: शुरुआती तलाशी में इनके पास से छोटे हथियार, गोलियां और संगठन के पर्चे मिले. जब पुलिस ने इनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो पकड़े गए उग्रवादी श्रवण दास ने कबूल किया कि उसने इंदवन के जंगलों में अतिरिक्त हथियारों और कारतूसों का एक बड़ा जखीरा छिपाकर रखा है.
ये 7 उग्रवादी हुए गिरफ्तार
पुलिस द्वारा चलाए गए इस व्यापक सर्च ऑपरेशन में पीएलएफआई के जिन सात उग्रवादियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
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सामु ढोढराय
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सुदर्शन सोय
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सलीम बोदरा
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हर्षित गुड़िया
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उमर खान
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अलियास नील खान
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विष्णु मांझी
सुबह के अंधेरे में दारोगा की पिस्टल छीनकर भागा श्रवण, पुलिस ने पैर में मारी गोली
हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस की टीम शनिवार की देर रात ही श्रवण दास को लेकर इंदवन-कर्रा क्षेत्र के जंगलों में पहुंची थी. उसकी निशानदेही पर छिपे हुए 4 हथियार और 29 गोलियां बरामद कर ली गईं. लेकिन, रविवार की सुबह-सुबह घने अंधेरे का फायदा उठाकर श्रवण दास ने एक दुस्साहसिक कदम उठाया:
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SI पर किया हमला: श्रवण दास ने अचानक सुरक्षा में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (SI) पर हमला कर उनकी सर्विस पिस्टल छीन ली.
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पुलिस पर दागी गोलियां: पिस्टल छीनने के बाद वह पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए जंगल की तरफ भागने लगा. चश्मदीदों के मुताबिक, श्रवण की तरफ से पुलिस पर दो राउंड गोलियां चलाई गईं.
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जवाबी कार्रवाई में हुआ घायल: पुलिस बल ने तुरंत अपनी रक्षा में आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की. पुलिस की ओर से चलाई गई गोली सीधे श्रवण दास के पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां वह पुलिस कस्टडी में है.
कई जिलों और थानों में दर्ज हैं दर्जनों आपराधिक मामले
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि घायल उग्रवादी श्रवण दास क्षेत्र का एक शातिर और पुराना अपराधी है. वह खूंटी जिले के कर्रा, तोरपा, मुरहू, अड़की, रनिया समेत आस-पास के कई थानों में दर्जनों आपराधिक मामलों में वांछित था. उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और उग्रवादी गतिविधियों को अंजाम देने के कई संगीन मामले दर्ज हैं. पुलिस इसे संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका मान रही है और गिरफ्तार अन्य उग्रवादियों से आगे की पूछताछ कर रही है.
