चतरा में मुहर्रम के बाद खूनी संघर्ष: बच्चों के पुराने विवाद में घर में घुसकर अंधाधुंध चाकूबाजी; त्योहार मनाने छत्तीसगढ़ से आए किशोर की मौत, चाचा गंभीर

झारखंड

चतरा. झारखंड के चतरा जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोढ़ाई गांव से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहाँ मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न होने के कुछ ही देर बाद पुरानी रंजिश को लेकर हुई भीषण चाकूबाजी में एक 17 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके सगे चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए. इस अचानक हुई हिंसक वारदात के बाद से पूरे गोढ़ाई गांव में मातम के साथ-साथ भारी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर थाना पुलिस तुरंत भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और मुस्तैदी बढ़ाते हुए मामले की गहन तफ्तीश में जुट गई है.

त्योहार मनाने आया था घर, हमलावरों से वजह पूछने पर घोंपा चाकू

पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान गोढ़ाई गांव निवासी मो. आबिद के 17 वर्षीय पुत्र मो. शाहजहां के रूप में हुई है. वहीं, उसके घायल चाचा का नाम मो. साबिर है. घटनाक्रम के अनुसार:

  • घर में घुसकर किया हमला: मुहर्रम का जुलूस समाप्त होने के ठीक बाद दो से चार की संख्या में आए आक्रोशित युवक अचानक मो. साबिर के घर में जबरन घुस गए और उन पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.

  • भतीजे को बनाया निशाना: घर के भीतर मची चीख-पुकार को सुनकर भतीजा शाहजहां तुरंत मौके पर पहुंचा. उसने जब हमलावरों के आगे आकर अचानक हमला करने का कारण पूछा, तो सनकी अपराधियों ने बिना कुछ सोचे-समझे शाहजहां के पेट और छाती पर भी चाकू से कई जानलेवा वार कर दिए और मौके से फरार हो गए.

चतरा से हजारीबाग और फिर रांची रेफर; अस्पताल में थमी सांसें

वारदात के तुरंत बाद खून से लथपथ दोनों घायलों को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से आनन-फानन में सदर अस्पताल चतरा ले जाया गया. यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की बेहद नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया. हजारीबाग में इलाज के दौरान ही 17 वर्षीय मो. शाहजहां ने घाव के गहरे होने के कारण दम तोड़ दिया. वहीं, चाचा मो. साबिर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर न्यूरो व सर्जिकल इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.

बच्चों की पुरानी मारपीट और रंजिश बनी काल; छत्तीसगढ़ में सैलून चलाता था मृतक

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस खूनी वारदात के पीछे बच्चों के बीच कुछ दिनों पहले हुई एक मामूली मारपीट का पुराना विवाद है. हालांकि उस वक्त मामले को शांत कराने के लिए गांव में बाकायदा एक सामाजिक पंचायती भी बुलाई गई थी, लेकिन दूसरे पक्ष के युवकों के मन में प्रतिशोध की आग सुलग रही थी.

मृतक शाहजहां के परिजनों ने रोते हुए बताया कि वह छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में रहकर एक सैलून चलाता था और अपना भरण-पोषण करता था. वह केवल मुहर्रम के मौके पर अपने माता-पिता और परिवार के साथ त्योहार की खुशियां बांटने गांव आया था, लेकिन किसे पता था कि त्योहार की यह खुशियां चंद पलों में ही जिंदगी के सबसे बड़े मातम में बदल जाएंगी.

कुछ संदिग्ध हिरासत में, जल्द सलाखों के पीछे होंगे नामजद आरोपी: पुलिस

सदर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शनिवार को मृतक मो. शाहजहां के शव को अपने कब्जे में लेकर चतरा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया और उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है.

सदर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित परिवार के लिखित आवेदन के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या (धारा 302) और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस सिलसिले में कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और पुलिस का दावा है कि मुख्य हमलावरों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है.

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