नई दिल्ली. लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (59 वर्ष) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार (16 जुलाई 2026) को 19वें दिन में प्रवेश कर गया है. वांगचुक नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं. बुधवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे उनसे अनशन खत्म करने के लिए न कहें. इसके बजाय आगामी 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च में शांतिपूर्ण तरीके से उनके साथ शामिल होकर आवाज बुलंद करें.
तेजी से घट रहा है वजन, डॉक्टर रख रहे हैं 24 घंटे निगरानी
लगातार 19 दिनों से अन्न का त्याग करने के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है. मेडिकल बुलेटिन के अनुसार:
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8.9 किलोग्राम वजन कम: भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से अब तक उनका कुल वजन करीब 8.9 किलोग्राम घट चुका है. 15 जुलाई तक उनका वजन गिरकर मात्र 57.15 किलोग्राम रह गया है. पिछले 24 घंटों में ही उनका वजन 400 ग्राम कम हुआ है.
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मेडिकल पैरामीटर्स: जारी ताजा मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, वांगचुक की हालत बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन वे पूरी तरह होश में और मानसिक रूप से अलर्ट हैं. जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर 105/76 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन का स्तर 97 प्रतिशत दर्ज किया गया है. डॉक्टरों की एक टीम 24 घंटे लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रही है.
वांगचुक ने वीडियो में खुद स्वीकार किया कि उनकी हालत पूरी तरह ठीक नहीं है, लेकिन स्थिति इतनी भी खराब नहीं है कि वे पीछे हट जाएं. गौरतलब है कि जंतर-मंतर से ही फूड ब्लॉगर आयुष सपरा के एक हालिया वीडियो ने भी इस अनशन के बीच सोशल मीडिया पर नया विवाद खड़ा कर दिया है. इसके बावजूद वांगचुक अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है.
