गुमला. पलामू के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का आपराधिक नेटवर्क जेल की सलाखों के पीछे से भी बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा था. नवंबर 2021 में धनबाद से गुमला जेल शिफ्ट किए जाने के बाद भी उसने पैसे और रसूख के बल पर वहां अपनी समानांतर व्यवस्था बना रखी थी.
अमन साहू और प्रिंस खान के साथ मजबूत गठजोड़
जांच में खुलासा हुआ है कि सुजीत सिन्हा का नेटवर्क गैंगस्टर अमन साहू और पाकिस्तान में छिपे प्रिंस खान के साथ मिलकर काम कर रहा था:
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कोल साइडिंग में आगजनी व टेरर फंडिंग: लातेहार के कोल साइडिंग में हुई फायरिंग व आगजनी में सुजीत और अमन साहू के उग्रवादी-अपराधिक गठजोड़ की बात सामने आई थी. उल्लेखनीय है कि 12 मार्च 2025 को रायपुर से रांची लाते वक्त एटीएस (ATS) टीम पर हमला कर भागने की कोशिश के दौरान पुलिस जवाबी कार्रवाई में अमन साहू मारा गया था.
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कोयलांचल शांति सेना व पाकिस्तान कनेक्शन: ‘कोयलांचल शांति सेना’ का संचालन सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के इशारे पर हो रहा था. सुजीत के जेल में रहने के दौरान उसकी पत्नी रिया सिन्हा (वर्तमान में चाईबासा जेल में बंद) दोनों गैंगों के बीच समन्वय स्थापित कर रही थी.
व्यापारियों से लेवी और यूएई के रास्ते मनी लॉन्ड्रिंग
रांची में सुजीत के इशारे पर इनामुल हक उर्फ बबलू खान कारोबारियों और उद्योगपतियों से लेवी (रंगदारी) वसूलता था. इस रकम को सुजीत के गुर्गों द्वारा प्रिंस खान तक पहुंचाया जाता था, जहां से यूएई (UAE) के रास्ते पैसे पाकिस्तान भेजे जाते थे. पाकिस्तान में बैठे सिंडिकेट के सदस्य इन पैसों का इस्तेमाल अवैध हथियार खरीदने और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में करते थे.
