पलामू. जिले के पांडू थाना क्षेत्र अंतर्गत रतनाग गांव में एक ओर जहां परिवार बुजुर्ग महिला के श्राद्ध कर्म में जुटा था, वहीं दूसरी ओर जवान पोते की अचानक मौत से खुशियां मातम में बदल गईं. नगीना चौधरी के 25 वर्षीय पुत्र बादल चौधरी की सोमवार शाम करीब 5 बजे वाराणसी स्थित बीएचयू (BHU) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे डेंगू (Dengue) से पीड़ित बताया था. मंगलवार को बांकी नदी श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में बादल का अंतिम संस्कार किया गया.
हैदराबाद से लौटने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
परिजनों ने बताया कि बादल एक माह पूर्व आजीविका के सिलसिले में हैदराबाद गया था:
-
तबीयत बिगड़ी: हैदराबाद में बीते 15 दिनों से उसकी सेहत खराब रहने लगी, जिसके बाद वह गांव लौट आया.
-
विभिन्न शहरों में इलाज: परिजनों ने डालटनगंज और रांची के अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे वाराणसी BHU में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.
-
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: बादल अपने पीछे पत्नी सीमा देवी और दो मासूम बेटों—सूर्यप्रताप (5 वर्ष) तथा सुमित कुमार (3 वर्ष) को छोड़ गया है.
12 दिनों के भीतर परिवार में दो मौतों से टूटा दुखों का पहाड़
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 12 दिन पूर्व बादल की दादी कईली देवी का हार्ट अटैक से निधन हो गया था:
-
संयोग से एक ही दिन पड़ा कार्यक्रम: मंगलवार को दादी का ब्रह्मभोज कार्यक्रम तय था. घर में रिश्तेदार और ग्रामीण जुटे थे, लेकिन उसी दिन वाराणसी से पोते का शव घर पहुंचने पर पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया.
-
एक साथ हुआ कार्यक्रम: एक ही दिन दादी के ब्रह्मभोज के साथ ही पोते की अर्थी उठने और अंतिम संस्कार होने की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. इस ह्रदय विदारक घटना के बाद रतनाग गांव समेत पूरे इलाके में गहरा शोक व्याप्त है.
