नोआमुंडी. पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोआमुंडी थाना अंतर्गत पचाईसाईं इलाके के समीप स्थित जंगल में शुक्रवार को अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया. चिलचिलाती धूप और सूखी पत्तियों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे जंगल के कई छोटे-बड़े पौधे जलकर राख हो गए. स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर लगाई गई आग की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई. घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को सूचित किया.
मामले की जानकारी मिलते ही नोआमुंडी थाना की सब-इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी ने त्वरित कार्रवाई की और टाटा स्टील की फायर ब्रिगेड टीम को अलर्ट कर मौके पर भेजा. गनीमत यह रही कि आग की लपटें पास ही स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप और संधु पेट्रोल पंप के बेहद करीब तक पहुंच गई थीं. यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह एक भीषण विस्फोटक दुर्घटना का रूप ले सकती थी. फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय लोगों के साझा प्रयास से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण नियंत्रण पाया गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई.
प्रशासन की अपील और सुरक्षा उपाय:
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वन विभाग की निगरानी: घटना के दौरान वन विभाग की टीम मौके पर डटी रही ताकि आग के दोबारा सुलगने की संभावना को खत्म किया जा सके.
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शरारती तत्वों पर नजर: पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि आग लगाने वाले संदिग्धों की पहचान की जा सके.
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सावधानी बरतने के निर्देश: वन विभाग ने ग्रामीणों और राहगीरों से अपील की है कि वे जंगलों में जलती हुई बीड़ी-सिगरेट न फेंकें और न ही सूखे पत्तों में आग लगाएं.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम में जंगलों के आसपास स्थित पेट्रोल पंपों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए विशेष ‘फायर ऑडिट’ और निगरानी बढ़ाई जाएगी.
