ईरान पर अमेरिका का बड़ा प्रहार: ट्रंप का दावा—हवाई हमले में ध्वस्त किया ईरान का सबसे ऊंचा पुल; 8 नागरिकों की मौत

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तेहरान/वाशिंगटन. ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई में अमेरिका ने अब नागरिक और औद्योगिक ढांचों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात दावा किया कि अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के सबसे ऊंचे और प्रतिष्ठित B1 सस्पेंशन ब्रिज को नष्ट कर दिया गया है। तेहरान और करज के बीच स्थित यह पुल 136 मीटर ऊंचा था और इसे करीब 400 मिलियन डॉलर की लागत से बनाया गया था।

भारी जनहानि: ‘नेचर डे’ मनाने आए परिवार बने शिकार ईरानी सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इस हमले के वक्त बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे।

  • हताहत: हमले में कम से कम 8 नागरिकों की मौत हो गई है और 95 अन्य घायल हैं।

  • पीड़ित: मृतकों में वे स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक शामिल हैं जो ‘नेचर डे’ (प्रकृति दिवस) के अवसर पर वहां घूमने आए थे।

  • अन्य नुकसान: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दावा किया है कि हमलों में स्कूलों और अस्पतालों को भी क्षति पहुंची है।

ट्रंप की चेतावनी: ‘पाषाण युग’ और ‘ढहता हुआ पुल’ ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक वीडियो साझा किया जिसमें पुल को ढहते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए लिखा, “उस देश में अब कुछ भी नहीं बचा है… बहुत देर होने से पहले समझौता कर लो।” इससे पहले ट्रंप ने ईरान को ‘पाषाण युग’ में भेजने की धमकी दी थी और दावा किया था कि युद्ध अब केवल 2-3 हफ्तों का ही बचा है क्योंकि ईरान की मिसाइल और नौसैनिक क्षमता समाप्त हो चुकी है।

ईरान का पलटवार: ‘साख खो चुका है अमेरिका’ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागरिक ढांचों पर हमला करना एक ‘बिखरे हुए दुश्मन की हार’ को दर्शाता है। उन्होंने ‘X’ पर लिखा:

“जो नष्ट हुआ है उसे हम और मजबूती से बनाएंगे, लेकिन अमेरिका की जो साख (Credibility) खत्म हुई है, वह कभी ठीक नहीं होगी।”

अंतरराष्ट्रीय समीकरण और राष्ट्रपति पेजेश्कियान की पहल ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब अमेरिका ने बमबारी शुरू की, तब तेहरान वाशिंगटन के साथ ‘अप्रत्यक्ष वार्ता’ की कोशिश कर रहा था। पेजेश्कियान ने अमेरिकी नागरिकों को पत्र लिखकर युद्ध रोकने की अपील भी की है और अमेरिका पर इजरायल के ‘प्रॉक्सी’ के रूप में लड़ने का आरोप लगाया है।

वैश्विक संकट: तेल और गैस की कीमतों में उछाल ईरान में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। युद्ध के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट बंद है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट (Oil and Gas Crisis) पैदा हो गया है। ब्रिटेन समेत 30 से अधिक देश इस समुद्री मार्ग को खुलवाने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं।

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